Samachar Post रिपोर्टर, रांची : झारखंड में JPSC और JSSC में सुधार की मांग को लेकर चल रहे छात्र आंदोलन के बीच हेमंत सोरेन सरकार ने भर्ती परीक्षाओं को लेकर बड़ा फैसला लिया है। सरकार ने वर्ष 2010 के बाद आयोजित 22 भर्ती परीक्षाओं को रद्द करने का निर्णय लिया है, जबकि 17 अन्य भर्ती परीक्षाओं की जांच CID से कराने का फैसला किया गया है। इसके अलावा छह भर्ती प्रक्रियाओं को जांच पूरी होने तक स्थगित रखा गया है। सरकार के इस फैसले से हजारों अभ्यर्थियों और पहले से नियुक्त कर्मचारियों के बीच असमंजस की स्थिति पैदा हो गई है। रद्द की गई परीक्षाओं में 11वीं से 13वीं संयुक्त सिविल सेवा परीक्षा भी शामिल है, जिसके माध्यम से 342 अधिकारियों की नियुक्ति हुई थी।
11वीं-13वीं JPSC परीक्षा भी रद्द
सरकारी सूत्रों के अनुसार, CID द्वारा गिरफ्तार आरोपी अभय तिवारी से पूछताछ के दौरान 11वीं-13वीं JPSC सिविल सेवा परीक्षा में कथित अनियमितताओं और पैसे लेकर नियुक्ति दिलाने के आरोप सामने आए थे। इसके बाद सरकार ने इस परीक्षा को भी रद्द करने का निर्णय लिया।गौरतलब है कि इससे पहले सरकार JSSC-CGL परीक्षा को भी रद्द कर चुकी है।
किन परीक्षाओं को किया गया रद्द
सरकार ने TDPL एजेंसी से जुड़ी कई भर्ती परीक्षाओं को रद्द कर दिया है। इनमें प्रमुख रूप से शामिल हैं—
- विश्वविद्यालयों में नॉन-टीचिंग पदों की भर्ती (विज्ञापन 09/2025)
- सहायक निदेशक एवं वरिष्ठ वैज्ञानिक अधिकारी भर्ती (10/2025 और 11/2025)
ड्रग इंस्पेक्टर भर्ती (12/2025) - सरकारी इंजीनियरिंग कॉलेजों में सहायक प्रोफेसर भर्ती (02/2026)
- पॉलिटेक्निक एवं महिला पॉलिटेक्निक कॉलेजों में लेक्चरर भर्ती (03/2026 और 04/2026)
- मेडिकल कॉलेजों में सुपर स्पेशलिस्ट सहायक प्रोफेसर भर्ती (07/2026)
इसके अलावा सिविल जज (जूनियर डिवीजन), सहायक वन संरक्षक, वन क्षेत्र पदाधिकारी, सहायक लोक अभियोजक, संयुक्त सिविल सेवा परीक्षा 2025, संयुक्त सिविल सेवा बैकलॉग भर्ती 2023, फूड सेफ्टी ऑफिसर, चाइल्ड डेवलपमेंट प्रोजेक्ट ऑफिसर और संयुक्त सिविल सेवा परीक्षा-2023 जैसी परीक्षाएं भी रद्द की गई हैं।

छह भर्ती प्रक्रियाएं फिलहाल स्थगित
सरकार ने उन छह भर्ती प्रक्रियाओं को अगले आदेश तक स्थगित कर दिया है, जिनमें प्रारंभिक कार्य किसी अन्य एजेंसी ने किया था। इनमें शामिल हैं—
- फूड एनालिस्ट
- डिप्टी डायरेक्टर (प्रॉसीक्यूशन)
- प्रोजेक्ट मैनेजर
- फैक्ट्री इंस्पेक्टर
- बॉयलर इंस्पेक्टर
- डायरेक्टर पद की भर्तियां
इन मामलों में संबंधित एजेंसियों की भूमिका और विश्वसनीयता की जांच CID को सौंपी गई है।
17 भर्ती परीक्षाओं की होगी CID जांच
सरकार ने 17 अन्य भर्ती परीक्षाओं की भी CID जांच कराने का निर्णय लिया है। इनमें 5वीं संयुक्त सिविल सेवा परीक्षा (2013), सिविल जज भर्ती, मृदा संरक्षण पदाधिकारी, कृषि पदाधिकारी, फूड सेफ्टी ऑफिसर, डेंटिस्ट, भूविज्ञानी-रसायनज्ञ, सहायक अभियंता और डेंटल डॉक्टर जैसी भर्तियां शामिल हैं।
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भर्ती व्यवस्था में सुधार के लिए तीन बड़े फैसले
कैबिनेट की बैठक में सरकार ने भर्ती परीक्षाओं में पारदर्शिता बढ़ाने और अनियमितताओं पर रोक लगाने के लिए तीन महत्वपूर्ण निर्णय भी लिए हैं, JPSC और JSSC से जुड़े मामलों की सुनवाई के लिए फास्ट ट्रैक कोर्ट गठन का अनुरोध हाईकोर्ट से किया जाएगा। JPSC और JSSC में आंतरिक निगरानी प्रकोष्ठ (Internal Monitoring Cell) का गठन किया जाएगा। IAS अमिताभ कौशल की अध्यक्षता में उच्चस्तरीय समिति बनाई जाएगी, जो प्रतियोगी परीक्षा प्रणाली में व्यापक सुधार के सुझाव देगी।
राजनीतिक और प्रशासनिक हलकों में हलचल
सरकार के इस फैसले के बाद राज्य की भर्ती व्यवस्था, पूर्व में हुई नियुक्तियों और चल रही चयन प्रक्रियाओं को लेकर नई बहस शुरू हो गई है। छात्र संगठनों ने इसे अपनी आंदोलन की बड़ी जीत बताया है, जबकि प्रभावित अभ्यर्थियों और कर्मचारियों के बीच भविष्य को लेकर चिंता बढ़ गई है। अब सभी की नजर CID जांच और सरकार की अगली कार्रवाई पर टिकी है।

Reporter | Samachar Post
मैंने सेंट्रल यूनिवर्सिटी ऑफ झारखंड से पत्रकारिता में पोस्ट ग्रेजुएशन की डिग्री ली है। पत्रकारिता के क्षेत्र में बतौर रिपोर्टर मेरा अनुभव फिलहाल एक साल से कम है। सामाचार पोस्ट मीडिया के साथ जुड़कर स्टाफ रिपोर्टर के रूप में काम कर रही हूं।

