11वीं-13वीं JPSC की भी CBI जांच हो: बाबूलाल मरांडी, बोले- CID की जांच से सच सामने नहीं आएगा

Rupa Kumari | August 19, 2026 | 02:07 PM IST

Samachar Post रिपोर्टर, रांची : झारखंड विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी ने 11वीं-13वीं JPSC सिविल सेवा परीक्षा में कथित अनियमितताओं की जांच सीबीआई से कराने की मांग की है। उन्होंने सवाल उठाया कि जिस परीक्षा के इंटरव्यू में गड़बड़ी और मैनेजमेंट के आरोप सामने आए हैं, उसकी जांच उसी एजेंसी से कराना कितना निष्पक्ष होगा, जिसके कुछ अधिकारी कथित तौर पर इंटरव्यू बोर्ड का हिस्सा रहे थे। बाबूलाल मरांडी ने कहा कि मामले की निष्पक्ष और विश्वसनीय जांच के लिए इसे सीबीआई को सौंपा जाना चाहिए। उनका आरोप है कि 11वीं-13वीं JPSC परीक्षा में इंटरव्यू बोर्ड को कथित तौर पर प्रभावित करने की बात सामने आई है।

इंटरव्यू में गड़बड़ी के लगाए आरोप

मरांडी के मुताबिक, TDPL से जुड़े रामवीर सिंह और अभय तिवारी के बयानों में इंटरव्यू बोर्ड को कथित तौर पर मैनेज करने की बात सामने आई है। उन्होंने यह भी कहा कि अभ्यर्थियों से इंटरव्यू के नाम पर पैसे वसूलने के मामले में तत्कालीन JPSC सदस्य डॉ. अजीता भट्टाचार्य के PA ब्रजराम की गिरफ्तारी हो चुकी है। उन्होंने दावा किया कि रामवीर सिंह ने पूछताछ में यह भी बताया है कि कोड डिकोड करने के बाद अभ्यर्थियों को तत्कालीन JPSC अध्यक्ष और सदस्यों के बोर्ड में इंटरव्यू के लिए बुलाया जाता था।

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CID अधिकारियों की भूमिका पर भी सवाल

बाबूलाल मरांडी ने इंटरव्यू बोर्ड में CID के ADG मनोज कौशिक समेत अन्य IPS अधिकारियों के शामिल होने का हवाला देते हुए जांच की निष्पक्षता पर सवाल उठाया। उन्होंने कहा कि यदि इंटरव्यू बोर्ड में शामिल किसी अधिकारी की भूमिका जांच के दायरे में आती है, तो उसी विभाग की एजेंसी से पूरे मामले की जांच कराना उचित नहीं होगा। उन्होंने मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन से 11वीं-13वीं JPSC परीक्षा की जांच CBI को सौंपने की मांग की। मरांडी ने कहा कि यदि इंटरव्यू में गड़बड़ी हुई है तो बोर्ड में शामिल सभी अधिकारियों के बयान दर्ज किए जाने चाहिए और पूरे मामले की तह तक जाकर दोषियों के खिलाफ कार्रवाई होनी चाहिए।

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