14वीं JPSC पर अटका पेच, ‘98% मांगें पूरी’ के दावे पर रिफॉर्म मंच ने उठाए सवाल

Meenu | August 13, 2026 | 02:17 PM IST

Samachar Post रिपोर्टर,रांची : झारखंड में JPSC-JSSC सुधार को लेकर जारी छात्र आंदोलन के बीच ‘98 फीसदी मांगें पूरी’ होने के दावे को लेकर नया विवाद सामने आया है। JPSC-JSSC रिफॉर्म मंच ने सोशल मीडिया पर वायरल हो रही इस जानकारी पर सवाल उठाते हुए अपना ‘फैक्ट चेक’ जारी किया है। रिफॉर्म मंच का कहना है कि छात्रों की मांगों को लेकर वास्तविक स्थिति सोशल मीडिया पर किए जा रहे दावों से अलग है। मंच ने सवाल उठाया है कि यदि छात्रों की 98 फीसदी मांगें पूरी हो चुकी हैं, तो 14वीं JPSC परीक्षा रद्द करने का लिखित आदेश अब तक सार्वजनिक क्यों नहीं किया गया?

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14वीं JPSC को लेकर अब भी पेच

रिफॉर्म मंच के अनुसार, 14वीं JPSC परीक्षा रद्द करना छात्रों की प्रमुख मांगों में शामिल है। मंच का कहना है कि जब तक सरकार की ओर से परीक्षा रद्द करने का स्पष्ट और लिखित आदेश जारी नहीं होता, तब तक इस मांग को पूरा हुआ नहीं माना जा सकता। मंच ने सवाल किया कि अगर सरकार ने परीक्षा रद्द करने का फैसला ले लिया है, तो उसका आधिकारिक नोटिफिकेशन अब तक क्यों जारी नहीं हुआ। रिफॉर्म मंच के मुताबिक, केवल बातचीत या मौखिक आश्वासन को किसी मांग की औपचारिक पूर्ति नहीं माना जा सकता।

‘98 फीसदी मांगें पूरी’ के दावे पर सवाल

रिफॉर्म मंच ने सोशल मीडिया पर चल रहे ‘98 प्रतिशत मांगें पूरी’ के दावे पर भी आपत्ति जताई है। मंच का कहना है कि छात्रों की मांगों की स्थिति स्पष्ट करने के लिए सरकार को आधिकारिक आदेश और दस्तावेज सार्वजनिक करने चाहिए। मंच के मुताबिक, जब तक लिखित आदेश, आधिकारिक प्रक्रिया और जांच से जुड़ी जानकारी सामने नहीं आती, तब तक यह दावा करना जल्दबाजी होगी कि आंदोलनकारी छात्रों की 98 फीसदी मांगें पूरी हो चुकी हैं।

सरकार और छात्रों के बीच खुली बातचीत की मांग

रिफॉर्म मंच ने सरकार और आंदोलनकारी छात्रों के प्रतिनिधियों के बीच मीडिया की मौजूदगी में खुली बातचीत कराने की मांग की है। मंच का कहना है कि सार्वजनिक संवाद से सरकार के फैसलों और छात्रों की मांगों की वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।मंच ने यह भी कहा कि उसकी मांगें सिर्फ 14वीं JPSC परीक्षा तक सीमित नहीं हैं। भर्ती परीक्षाओं की जांच प्रक्रिया में पारदर्शिता और आधिकारिक जानकारी सार्वजनिक करना भी जरूरी है।

लिखित आदेश को बताया अहम

रिफॉर्म मंच का कहना है कि छात्रों के हित से जुड़े किसी भी बड़े फैसले की पुष्टि आधिकारिक दस्तावेज से होनी चाहिए। मंच के अनुसार, लिखित आदेश जारी होने के बाद ही यह स्पष्ट माना जा सकेगा कि 14वीं JPSC को लेकर सरकार ने क्या निर्णय लिया है। फिलहाल ‘98 फीसदी मांगें पूरी’ होने के दावे और 14वीं JPSC परीक्षा को लेकर आंदोलनकारियों की आपत्तियों के बीच सरकार की ओर से आधिकारिक स्थिति स्पष्ट होने का इंतजार है।

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