जयपाल सिंह स्टेडियम में देर रात पहुंची प्रशासनिक टीम, बाबूलाल मरांडी बोले- छात्र आंदोलन को दबाने की कोशिश न करे सरकार

Rupa Kumari | August 12, 2026 | 11:30 AM IST
  • धरनास्थल पर बिजली काटने और छात्रों को हटाने के प्रयास का लगाया आरोप, CBI जांच की मांग दोहराई

Samachar Post रिपोर्टर, रांची : JPSC-JSSC विवाद को लेकर जयपाल सिंह मुंडा स्टेडियम में जारी छात्र आंदोलन के बीच नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी ने राज्य सरकार और प्रशासन पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने दावा किया कि मंगलवार देर रात पुलिस-प्रशासन की टीम धरनास्थल पहुंची और आंदोलनरत छात्रों को हटाने का प्रयास किया। बाबूलाल मरांडी ने बुधवार सुबह सोशल मीडिया पर एक वीडियो साझा करते हुए कहा कि उन्हें भाजपा आईटी सेल प्रमुख अमित मालवीय के ट्वीट और मीडिया रिपोर्टों से जानकारी मिली कि रात करीब 1 से 1:30 बजे के बीच पुलिस-प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारी जयपाल सिंह स्टेडियम पहुंचे थे। उनके अनुसार, मौके पर सिटी एसपी, एसएसपी और डीसी समेत कई अधिकारी मौजूद थे।

छात्रों को हटाने का प्रयास करने का आरोप

मरांडी ने आरोप लगाया कि प्रशासन छात्रों को यह कहकर धरना समाप्त करने के लिए कह रहा था कि JPSC से जुड़ा मुद्दा सुलझ चुका है और अब आंदोलन की जरूरत नहीं है। हालांकि, इस मामले में रांची के उपायुक्त मंजूनाथ भजंत्री ने स्पष्ट किया कि वे छात्रों का हालचाल जानने और उनकी समस्याएं समझने के लिए वहां गए थे। नेता प्रतिपक्ष ने आरोप लगाया कि प्रशासन की ओर से धरनास्थल की बिजली भी काट दी गई थी। उन्होंने कहा कि इसकी सूचना मिलते ही छात्रों ने अपने सहयोगियों और समर्थकों को बुलाया, जिसके बाद भाजपा के प्रदेश महामंत्री अमर बावरी, भानु राज सिन्हा सहित कई नेता भी मौके पर पहुंचे। इसके बाद प्रशासनिक अधिकारी वहां से लौट गए।

CBI जांच को बताया छात्रों की मुख्य मांग

बाबूलाल मरांडी ने कहा कि केवल 14वीं JPSC परीक्षा रद्द कर देना समाधान नहीं है। छात्रों की प्रमुख मांग पूरे मामले की CBI जांच है। उन्होंने आरोप लगाया कि राज्य सरकार की CID जांच पर छात्रों और आम जनता का भरोसा नहीं है। उन्होंने कहा कि पूर्व में CGL परीक्षा मामले में गठित SIT की जांच प्रक्रिया में भी बदलाव किए गए थे, जिससे लोगों के मन में निष्पक्षता को लेकर सवाल खड़े हुए। इसलिए इस मामले में स्वतंत्र एजेंसी से जांच कराना जरूरी है। मरांडी ने मांग की कि मामले की जांच CBI से कराई जाए और हाई कोर्ट की निगरानी में फास्ट ट्रैक कोर्ट का गठन किया जाए। उनके अनुसार, इससे परीक्षा से जुड़े सभी आरोपों और साक्ष्यों की निष्पक्ष जांच हो सकेगी तथा दोषियों को सजा और निर्दोषों को न्याय मिलेगा।

आंदोलनकारियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने की अपील

उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में छात्रों को शांतिपूर्ण ढंग से आंदोलन करने का अधिकार है। ऐसे में रात के समय धरनास्थल पर जाकर दबाव बनाना या बिजली जैसी बुनियादी सुविधाएं बाधित करना उचित नहीं है। प्रशासन का दायित्व आंदोलनकारियों की सुरक्षा सुनिश्चित करना है, न कि आंदोलन समाप्त कराने का प्रयास करना।

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राज्यव्यापी आंदोलन की चेतावनी

बाबूलाल मरांडी ने कहा कि यदि सरकार ने बलपूर्वक आंदोलन समाप्त करने की कोशिश की तो इसका असर पूरे राज्य में दिखाई दे सकता है। उन्होंने दावा किया कि छात्र आंदोलन को झारखंड के विभिन्न जिलों और गांवों का समर्थन मिल रहा है और इसे हल्के में नहीं लिया जाना चाहिए।उन्होंने सरकार और प्रशासन से अपील की कि छात्रों की मांगों को गंभीरता से सुना जाए तथा किसी भी परिस्थिति में लाठीचार्ज या बल प्रयोग का रास्ता न अपनाया जाए।

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