Samachar Post रिपोर्टर, रांची : झारखंड विधानसभा के मानसून सत्र के अंतिम दिन मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने छात्र आंदोलन, JPSC-JSSC परीक्षाओं, विपक्ष की भूमिका और परीक्षा सुधार को लेकर सरकार का पक्ष रखा। इस दौरान उन्होंने भाजपा पर तीखा हमला बोला और विपक्ष पर छात्रों के मुद्दे की आड़ में राजनीति करने का आरोप लगाया। मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन में भाजपा की तुलना ‘परजीवी’ से करते हुए कहा कि विपक्ष अलग-अलग मुद्दों के सहारे खुद को राजनीतिक रूप से बनाए रखने की कोशिश करता है।
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‘छात्रों की आड़ में अपनी ताकत दिखा रहा विपक्ष’
हेमंत सोरेन ने कहा कि पिछले कुछ दिनों से विधानसभा में जो घटनाक्रम चल रहा है, उससे उन्हें लगा कि विपक्ष के पास अब कोई मुद्दा नहीं बचा है। हालांकि, उन्होंने आरोप लगाया कि विपक्ष अलग-अलग मुद्दों और माध्यमों के जरिए खुद को राजनीतिक रूप से सक्रिय रखने की कोशिश कर रहा है। मुख्यमंत्री ने कहा कि विपक्ष छात्रों की आड़ लेकर अपनी ताकत का प्रदर्शन कर रहा है। उन्होंने विपक्ष पर छात्रों को भ्रमित करने का भी आरोप लगाया।
TDPL परीक्षाओं की जांच को लेकर सरकार का पक्ष
TDPL के जरिए आयोजित परीक्षाओं को लेकर मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार की मंशा स्पष्ट है। उन्होंने कहा कि TDPL द्वारा आयोजित परीक्षाओं की जांच कराने के लिए सरकार तैयार है और जांच की प्रक्रिया चल रही है। उन्होंने विपक्ष पर CID और CBI जैसी जांच एजेंसियों को लेकर तरह-तरह के सवाल उठाकर छात्रों को भ्रमित करने का आरोप लगाया। मुख्यमंत्री ने TDPL को उत्तर प्रदेश के लखनऊ की कंपनी बताते हुए भी सवाल उठाए और आरोप लगाया कि कंपनी से जुड़े कुछ लोगों के माध्यम से झारखंड के युवाओं को दिग्भ्रमित करने की कोशिश की जा रही है।
परीक्षा रद्द करने और सुधार पर सरकार का दावा
मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार ने परीक्षा सुधार, कुछ परीक्षाओं को रद्द करने और जांच को लेकर अपने निर्णय स्पष्ट किए हैं। उन्होंने दावा किया कि सरकार छात्रों को इस संबंध में आश्वस्त कर चुकी है। उन्होंने कहा कि भविष्य में प्रतियोगी परीक्षाओं को और पारदर्शी एवं बेहतर बनाने के लिए IIT, IIM और XLRI जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों से सलाह ली जाएगी। हेमंत सोरेन ने कहा कि JPSC बैकलॉग, 23वीं, 25वीं, 11वीं, 13वीं JPSC और APP समेत जिन परीक्षाओं की कानूनी प्रक्रिया आगे बढ़ चुकी है, सरकार उनका सम्मान करेगी।
‘विपक्ष सदन नहीं चलने देना चाहता’
मुख्यमंत्री ने विपक्ष पर विधानसभा की कार्यवाही बाधित करने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि विपक्ष सदन नहीं चलने देने के इरादे से आया है, जिसके कारण जनता से जुड़े मुद्दों पर चर्चा नहीं हो पा रही है। उन्होंने यह भी कहा कि छात्र आंदोलनकारियों ने माना है कि उनकी सुधार संबंधी अधिकांश मांगें सरकार ने स्वीकार कर ली हैं और सरकार आगे भी बेहतर सुधारों के साथ काम करेगी।
प्रशासन और छात्र आंदोलन पर भी बोले CM
हेमंत सोरेन ने छात्र आंदोलन के दौरान प्रशासन की भूमिका का भी बचाव किया। उन्होंने कहा कि प्रशासन ने धैर्य का परिचय दिया है और संवेदनशील क्षेत्रों में नियमों के तहत व्यवस्था बनाए रखना जरूरी है। उन्होंने विपक्ष पर छात्रों के मुद्दे को राजनीतिक रूप देने का आरोप लगाते हुए कहा कि सरकार पूरे घटनाक्रम पर नजर रख रही है।

BJP पर लगाए भ्रष्टाचार के आरोप
अपने संबोधन के दौरान मुख्यमंत्री ने भाजपा और विपक्ष पर भ्रष्टाचार के गंभीर आरोप भी लगाए। उन्होंने दावा किया कि भाजपा नेताओं के यहां जांच होने पर नोटों के बंडल मिलेंगे। उन्होंने भाजपा और RSS पर भी तीखी राजनीतिक टिप्पणी की और विपक्ष पर संवैधानिक संस्थाओं और संसाधनों के कथित दुरुपयोग का आरोप लगाया। हालांकि, मुख्यमंत्री की ओर से लगाए गए इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि खबर में उपलब्ध नहीं है और भाजपा की ओर से इस बयान पर प्रतिक्रिया इस रिपोर्ट में शामिल नहीं है।
‘गिरोह’ कविता के जरिए विपक्ष पर निशाना
मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन के दौरान कवि रूपनाथ पांडेय की कविता ‘गिरोह’ का भी उल्लेख किया। उन्होंने कविता के जरिए विपक्ष पर निशाना साधते हुए कहा कि यह कविता मौजूदा विपक्ष की स्थिति को दर्शाती है। उन्होंने विपक्ष पर लगातार राजनीतिक रूप से ‘गिरने’ का आरोप लगाते हुए कविता की पंक्तियों के जरिए भाजपा पर तीखा हमला बोला।
JPSC-JSSC मुद्दे पर सरकार और विपक्ष आमने-सामने
JPSC-JSSC परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं, परीक्षा सुधार और छात्र आंदोलन को लेकर झारखंड में सियासी टकराव लगातार बढ़ रहा है। जहां विपक्ष और प्रदर्शनकारी छात्र परीक्षाओं में पारदर्शिता और कथित अनियमितताओं की जांच की मांग कर रहे हैं, वहीं सरकार का कहना है कि सुधार और जांच को लेकर आवश्यक कदम उठाए जा रहे हैं।

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