गिरिडीह में पत्थर खदान की ब्लास्टिंग से सहमे ग्रामीण, घरों में दरारें पड़ने का आरोप

Rupa Kumari | August 11, 2026 | 11:21 AM IST

Samachar Post रिपोर्टर, गिरिडीह : जिले के बगोदर प्रखंड की धरगुल्ली पंचायत स्थित बासोटांड़ आदिवासी टोला में पत्थर खदान को लेकर ग्रामीणों की चिंता बढ़ गई है। ग्रामीणों का आरोप है कि आबादी से करीब 100 मीटर की दूरी पर संचालित खदान में होने वाली भारी ब्लास्टिंग से उनके घरों में दरारें पड़ रही हैं और लगातार विस्फोटों के कारण भय का माहौल बना हुआ है। स्थानीय लोगों के अनुसार, बासोटांड़ टोला में करीब 20 आदिवासी परिवार रहते हैं। उनका कहना है कि खदान में नियमित रूप से किए जा रहे विस्फोटों के कारण जमीन और घरों में कंपन महसूस होता है। कई ग्रामीणों ने दावा किया है कि ब्लास्टिंग के दौरान पत्थरों के छोटे-बड़े टुकड़े रिहायशी क्षेत्र तक पहुंच जाते हैं, जिससे दुर्घटना का खतरा बना रहता है।

घरों में दरारें आने का दावा

ग्रामीणों का कहना है कि प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत बने कई पक्के मकानों की दीवारों में दरारें दिखाई देने लगी हैं। प्रभावित परिवारों का आरोप है कि लगातार होने वाली ब्लास्टिंग के कारण मकानों की संरचना कमजोर हो रही है। कुछ ग्रामीणों ने यह भी दावा किया कि पुराने कच्चे मकानों को नुकसान पहुंचा है। ग्रामीणों के अनुसार, क्षेत्र के कई परिवार पहले भी खनन गतिविधियों के कारण अपना पुराना गांव छोड़ने को मजबूर हुए थे। अब दोबारा खनन कार्य शुरू होने के बाद उन्हें फिर से विस्थापन की आशंका सताने लगी है। स्थानीय लोगों का कहना है कि सुरक्षा और आजीविका दोनों को लेकर उनके सामने नई चुनौतियां खड़ी हो गई हैं।

जलस्रोत प्रभावित होने की भी शिकायत

ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि खदान संचालन से आसपास के जलस्रोतों पर भी असर पड़ रहा है। उनका कहना है कि कुछ क्षेत्रों में भूजल स्तर नीचे गया है और पेयजल की समस्या बढ़ने लगी है। साथ ही खदान क्षेत्र में मिट्टी और मलबे के जमाव को लेकर भी चिंता जताई गई है। स्थानीय लोगों ने कई बार प्रशासन और संबंधित विभागों से शिकायत कर जांच और कार्रवाई की मांग की है। ग्रामीणों का कहना है कि खनन कार्य के दौरान सुरक्षा मानकों का पालन सुनिश्चित किया जाना चाहिए, ताकि रिहायशी क्षेत्रों पर प्रतिकूल प्रभाव न पड़े।

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जांच के बाद कार्रवाई की बात

मामले पर बगोदर अंचल अधिकारी (सीओ) प्रवीण कुमार ने कहा कि ब्लास्टिंग से मकानों में दरार आने की शिकायत मिली है। उन्होंने बताया कि मामले की जांच कराई जाएगी और यदि खनन कार्य में निर्धारित नियमों का उल्लंघन पाया गया तो संबंधित पक्ष के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।

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