JPSC-JSSC विवाद पर कांग्रेस का समर्थन, अंबा प्रसाद ने उठाई CBI जांच की मांग

Rupa Kumari | August 11, 2026 | 11:12 AM IST

Samachar Post रिपोर्टर, रांची : JPSC-JSSC परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं और छात्रों के जारी आंदोलन को लेकर कांग्रेस की पूर्व विधायक अंबा प्रसाद ने सरकार से गंभीर और पारदर्शी कार्रवाई की मांग की है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस छात्रों की आवाज के साथ खड़ी है और परीक्षा प्रक्रियाओं में गड़बड़ी के आरोपों को गंभीरता से लिया जाना चाहिए। अंबा प्रसाद ने कहा कि JPSC-JSSC परीक्षाओं को लेकर उठ रहे सवालों और छात्रों की मांगों को नजरअंदाज नहीं किया जा सकता। उन्होंने स्पष्ट किया कि कांग्रेस गठबंधन सरकार का हिस्सा होने के बावजूद किसी भी कथित घोटाले या अनियमितता की भागीदार नहीं है। उनके अनुसार, पार्टी स्तर पर भी इस बात को लेकर चिंता है कि परीक्षा प्रक्रिया से जुड़े आरोपों की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए।

लाठीचार्ज और आंसू गैस के इस्तेमाल पर जताया दुख

छात्र आंदोलन के दौरान पुलिस द्वारा की गई कार्रवाई पर प्रतिक्रिया देते हुए अंबा प्रसाद ने इसे दुखद बताया। उन्होंने कहा कि आंदोलनरत छात्रों पर लाठीचार्ज और आंसू गैस का इस्तेमाल चिंताजनक है और ऐसे कदमों का समर्थन नहीं किया जा सकता। उन्होंने कहा कि छात्रों की समस्याओं का समाधान संवाद और संवेदनशीलता के जरिए होना चाहिए।

CBI जांच की वकालत

पूर्व विधायक ने मामले की जांच को लेकर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि इस तरह के संवेदनशील मामले में केवल CID जांच से निष्पक्षता को लेकर संदेह बना रह सकता है। उनके अनुसार, यदि सरकार पारदर्शिता और भरोसा कायम करना चाहती है तो पूरे मामले की जांच CBI जैसी स्वतंत्र एजेंसी से कराने पर विचार करना चाहिए।

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निष्पक्ष जांच पर दिया जोर

अंबा प्रसाद ने कहा कि जिन संस्थाओं और प्रक्रियाओं पर सवाल उठ रहे हैं, उनकी जांच पूरी तरह निष्पक्ष और पारदर्शी होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि न्याय केवल होना ही नहीं चाहिए, बल्कि होता हुआ दिखना भी चाहिए। इसलिए ऐसी व्यवस्था जरूरी है, जिससे अभ्यर्थियों और आम जनता का भरोसा कायम रहे।

छात्रों के भविष्य को प्राथमिकता देने की अपील

उन्होंने सरकार से अपील की कि राजनीतिक पहलुओं से ऊपर उठकर छात्रों के भविष्य और जनता की भावनाओं को प्राथमिकता दी जाए। उनके अनुसार, लाखों युवाओं की उम्मीदें प्रतियोगी परीक्षाओं से जुड़ी होती हैं, इसलिए किसी भी तरह की अनियमितता के आरोपों की निष्पक्ष जांच और दोषियों पर कार्रवाई सुनिश्चित की जानी चाहिए।

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