ग्लासगो कॉमनवेल्थ गेम्स में मुरली श्रीशंकर का दमदार प्रदर्शन, लॉन्ग जंप में जीता सिल्वर मेडल

Rupa Kumari | July 30, 2026 | 11:05 AM IST

Samachar Post डेस्क, रांची : ग्लासगो कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 में भारतीय खिलाड़ियों का शानदार प्रदर्शन जारी है। भारत के स्टार लॉन्ग जंप खिलाड़ी मुरली श्रीशंकर ने पुरुषों की लंबी कूद स्पर्धा में रजत पदक जीतकर देश का गौरव बढ़ाया है। स्कॉटलैंड के ग्लासगो स्थित स्कॉटस्टन स्टेडियम में आयोजित फाइनल मुकाबले में श्रीशंकर ने 8.09 मीटर की सर्वश्रेष्ठ छलांग लगाई और भारत को प्रतियोगिता का 13वां पदक दिलाया।हालांकि स्वर्ण पदक उनसे महज 6 सेंटीमीटर दूर रह गया। जमैका के टेजे गेल ने 8.15 मीटर की छलांग लगाकर गोल्ड मेडल अपने नाम किया, जबकि भारतीय एथलीट को सिल्वर मेडल से संतोष करना पड़ा।

दूसरे प्रयास में बनाई बढ़त

फाइनल की शुरुआत मुरली श्रीशंकर ने 8.02 मीटर की छलांग के साथ की, जिससे वह शुरुआती दौर में दूसरे स्थान पर पहुंच गए। दूसरे प्रयास में उन्होंने 8.09 मीटर की शानदार छलांग लगाकर बढ़त हासिल कर ली। हालांकि इसके बाद उनके दो प्रयास फाउल रहे। इसी दौरान जमैका के टेजे गेल ने 8.15 मीटर की छलांग लगाकर शीर्ष स्थान हासिल कर लिया। अंतिम दो प्रयासों में श्रीशंकर ने वापसी की पूरी कोशिश की, लेकिन वह गेल की दूरी को पार नहीं कर सके।

लगातार दूसरे कॉमनवेल्थ गेम्स में पदक

मुरली श्रीशंकर ने इस उपलब्धि के साथ भारतीय एथलेटिक्स में एक नया अध्याय जोड़ दिया है। वह कॉमनवेल्थ गेम्स की पुरुष लॉन्ग जंप स्पर्धा में लगातार दो बार पदक जीतने वाले पहले भारतीय खिलाड़ी बन गए हैं। इससे पहले बर्मिंघम 2022 कॉमनवेल्थ गेम्स में भी उन्होंने 8.08 मीटर की छलांग लगाकर रजत पदक जीता था। इस बार उन्होंने अपने प्रदर्शन में सुधार किया, लेकिन कड़े मुकाबले के कारण फिर से सिल्वर मेडल ही उनके हिस्से आया। पिछले लगभग दो वर्षों के दौरान चोटों के कारण मुरली श्रीशंकर कई बड़े अंतरराष्ट्रीय टूर्नामेंटों से दूर रहे। ऐसे में ग्लासगो कॉमनवेल्थ गेम्स उनके लिए शानदार वापसी का मंच साबित हुआ। उन्होंने क्वालिफिकेशन राउंड में पहले ही प्रयास में फाइनल के लिए जगह बनाई थी। फाइनल में भी उन्होंने पूरे आत्मविश्वास के साथ प्रदर्शन किया और अंत तक स्वर्ण पदक की दौड़ में बने रहे।

भारतीय एथलेटिक्स को मिली नई मजबूती

भारत की ओर से इस स्पर्धा में लोकेश सत्यनाथन ने भी हिस्सा लिया। उन्होंने 7.97 मीटर की सर्वश्रेष्ठ छलांग लगाई और प्रतियोगिता में पांचवें स्थान पर रहे। हालांकि वह पदक जीतने में सफल नहीं हो सके। मुरली श्रीशंकर का यह सिल्वर मेडल ग्लासगो कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 में भारत के अभियान को और मजबूती देने वाला साबित हुआ है। लगातार दो कॉमनवेल्थ गेम्स में रजत पदक जीतकर उन्होंने खुद को भारत के सबसे भरोसेमंद लॉन्ग जंप खिलाड़ियों में शामिल कर लिया है। चोट से सफल वापसी के बाद उनका यह प्रदर्शन आने वाले अंतरराष्ट्रीय टूर्नामेंटों में भारतीय एथलेटिक्स के लिए नई उम्मीद लेकर आया है।

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कौन हैं मुरली श्रीशंकर?

मुरली श्रीशंकर भारत के शीर्ष लंबी कूद खिलाड़ियों में गिने जाते हैं। केरल से आने वाले श्रीशंकर ने कम उम्र में ही राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपनी पहचान बनाई। तकनीक, निरंतरता और बड़े मंच पर दबाव में प्रदर्शन करने की क्षमता ने उन्हें भारतीय एथलेटिक्स का प्रमुख चेहरा बना दिया है। कॉमनवेल्थ गेम्स में लगातार दो रजत पदक जीतना उनके करियर की बड़ी उपलब्धियों में शामिल है।

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