बिहार में नए वोटरों के लिए बड़ा नियम, अब माता-पिता की SIR जानकारी देना होगा अनिवार्य

Meenu | July 13, 2026 | 04:15 PM IST

Samachar Post डेस्क,बिहार : बिहार में मतदाता सूची में नाम जुड़वाने वाले नए मतदाताओं के लिए चुनाव आयोग ने नया निर्देश जारी किया है। अब फॉर्म-6 भरने वाले नए आवेदकों को अपने माता-पिता की स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR) से जुड़ी जानकारी भी देनी होगी। चुनाव आयोग का कहना है कि इससे मतदाताओं की सही मैपिंग होगी और सत्यापन प्रक्रिया अधिक प्रभावी बनेगी।

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फॉर्म-6 में बदलाव नहीं, निर्देश के जरिए जोड़ी गई प्रक्रिया

चुनाव आयोग के अधिकारियों के अनुसार, यह व्यवस्था पिछले वर्ष बिहार में शुरू हुई SIR प्रक्रिया के दौरान लागू की गई थी। नए मतदाताओं को फॉर्म-6 के साथ एक घोषणा-पत्र भी भरना होगा, जिसमें माता-पिता की SIR संबंधी जानकारी देनी होगी। आयोग ने स्पष्ट किया है कि फॉर्म-6 के प्रारूप में कोई बदलाव नहीं किया गया है, बल्कि यह घोषणा-पत्र प्रशासनिक निर्देशों के माध्यम से जोड़ा गया है।

मतदाता सत्यापन होगा आसान

चुनाव आयोग का कहना है कि इस व्यवस्था से नए मतदाताओं की पहचान और पारिवारिक मैपिंग में मदद मिलेगी। साथ ही, आवेदन के साथ अतिरिक्त दस्तावेज जमा करने की आवश्यकता भी कम होगी। आयोग के मुताबिक, यदि कोई व्यक्ति ऑनलाइन फॉर्म-6 भरता है, तो घोषणा-पत्र भरे बिना आवेदन प्रक्रिया पूरी नहीं हो सकेगी।

SIR प्रक्रिया को लेकर उठे सवाल

इस बीच, संयुक्त राष्ट्र (UN) के विशेष रिपोर्टर्स ने बिहार में चल रही SIR प्रक्रिया को लेकर पारदर्शिता संबंधी चिंताएं जताई हैं। रिपोर्टर्स ने सरकार को लिखे पत्र में आरोप लगाया कि प्रक्रिया में पारदर्शिता की कमी है। हालांकि, चुनाव आयोग ने इन आरोपों को खारिज करते हुए कहा है कि SIR प्रक्रिया पूरी तरह संवैधानिक, पारदर्शी और निर्धारित नियमों के अनुरूप संचालित की जा रही है।

आयोग ने भेदभाव के आरोपों को भी किया खारिज

चुनाव आयोग ने मतदाता सूची से नाम हटाए जाने को लेकर लगाए गए भेदभाव के आरोपों को भी खारिज किया है। आयोग का कहना है कि जिन लोगों के नाम सूची से हटाए गए, उन्हें निर्धारित प्रक्रिया के तहत आपत्ति दर्ज कराने और निर्णय को चुनौती देने का पूरा अवसर दिया गया था।

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