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8 साल से अधूरी सड़क पर फूटा ग्रामीणों का गुस्सा, विभाग कार्यालय पर प्रदर्शन; जल्द काम नहीं हुआ तो आंदोलन की चेतावनी

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Samachar Post रिपोर्टर,चाईबासा : पश्चिमी सिंहभूम जिले के गोइलकेरा प्रखंड में आठ वर्षों से अधूरी पड़ी सड़क निर्माण परियोजना को लेकर ग्रामीणों का आक्रोश सामने आया है। आमजरण, कैरम, मिंडीसोया और गोयरा क्षेत्र के सैकड़ों ग्रामीणों ने चक्रधरपुर स्थित ग्रामीण कार्य विभाग कार्यालय के बाहर प्रदर्शन कर कार्यपालक अभियंता को मांगपत्र सौंपा। आंदोलन का नेतृत्व आजसू नेता एवं मनोहरपुर विधानसभा के पूर्व प्रत्याशी डॉ. दिनेश चंद्र बोयपाई ने किया। प्रदर्शनकारी पहले बंगाली बालिका उच्च विद्यालय के समीप एकत्र हुए। इसके बाद विभाग और संवेदक के खिलाफ नारेबाजी करते हुए करीब डेढ़ किलोमीटर तक पैदल मार्च कर ग्रामीण कार्य विभाग कार्यालय पहुंचे। वहां ग्रामीणों ने शांतिपूर्ण धरना देकर सड़क निर्माण कार्य जल्द पूरा कराने की मांग उठाई।

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4.56 करोड़ की परियोजना, 8 साल बाद भी अधूरी सड़क

ग्रामीणों का कहना है कि गोइलकेरा–मनोहरपुर मुख्य मार्ग से आमजरण होते हुए कैरम, मिंडीसोया और गोयरा तक 7.33 किलोमीटर लंबी सड़क का निर्माण लगभग 4.56 करोड़ रुपये की लागत से शुरू किया गया था। लेकिन आठ वर्ष बीत जाने के बावजूद सड़क का निर्माण कार्य पूरा नहीं हो सका। ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि विभागीय उदासीनता और संवेदक की लापरवाही के कारण हजारों लोगों को रोजाना आवागमन में परेशानी झेलनी पड़ रही है। ग्रामीणों के अनुसार बारिश के मौसम में सड़क पूरी तरह दलदल में बदल जाती है, जिससे स्कूल, अस्पताल और बाजार तक पहुंचना मुश्किल हो जाता है। इसका सबसे ज्यादा असर छात्रों, मरीजों और ग्रामीणों की रोजमर्रा की जिंदगी पर पड़ रहा है।

मांगपत्र में रखीं पांच अहम मांगें

ग्रामीणों ने विभाग को सौंपे गए मांगपत्र में सड़क निर्माण कार्य तत्काल शुरू कर निर्धारित समय-सीमा में पूरा करने, निर्माण कार्य की निगरानी के लिए स्थानीय जनप्रतिनिधियों और ग्रामीणों की समिति गठित करने, परियोजना में देरी के लिए जिम्मेदार अधिकारियों एवं संवेदक पर कार्रवाई करने, अब तक हुए खर्च का पूरा विवरण सार्वजनिक करने तथा बरसात के दौरान आवागमन के लिए सड़क की अस्थायी मरम्मत कराने की मांग की।

‘जल्द कार्रवाई नहीं हुई तो होगा बड़ा आंदोलन’

आंदोलन का नेतृत्व कर रहे डॉ. दिनेश चंद्र बोयपाई ने कहा कि सड़क किसी भी क्षेत्र के विकास की बुनियादी जरूरत होती है, लेकिन वर्षों से परियोजना अधूरी रहने के कारण ग्रामीण मूलभूत सुविधाओं से वंचित हैं। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि विभाग ने जल्द ठोस कदम नहीं उठाए तो आंदोलन को और व्यापक रूप दिया जाएगा। प्रदर्शन में तरकसकोचा पंचायत के मुखिया गणेश बोदरा, प्रखंड प्रमुख नीरूमनी कोड़ाह, बाबूलाल कोड़ाह, बासू भोयपाई सहित बड़ी संख्या में ग्रामीण मौजूद रहे।

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Meenu

Reporter  |  Samachar Post

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