Samachar Post डेस्क, बिहार : बिहार के खगड़िया जिले के मानसी प्रखंड स्थित एक मध्य विद्यालय में कथित तौर पर दी गई सजा के बाद कक्षा छह की नौ छात्राओं के बेहोश होने का मामला सामने आया है। घटना के बाद सभी छात्राओं को उपचार के लिए स्थानीय प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र (PHC) में भर्ती कराया गया, जहां इलाज के बाद उनकी स्थिति सामान्य बताई जा रही है।
उच्चारण में गलती पर सजा देने का आरोप
अस्पताल में भर्ती छात्राओं और उनके परिजनों का आरोप है कि सामाजिक विज्ञान की कक्षा के दौरान पाठ पढ़ाते समय शिक्षक उच्चारण करवा रहे थे। इसी दौरान कुछ छात्राओं से उच्चारण में त्रुटि होने पर उन्हें दंड स्वरूप कई बार उठक-बैठक करने को कहा गया। छात्राओं का आरोप है कि अत्यधिक शारीरिक दंड के कारण उनकी तबीयत बिगड़ गई और वे बेहोश हो गईं।
नौ छात्राओं की तबीयत बिगड़ी
घटना से प्रभावित छात्राओं में साधना कुमारी, शाम्भवी कुमारी, ज्योति कुमारी, शिवानी कुमारी, प्रिया कुमारी, निजा कुमारी, मीनाक्षी कुमारी, चांदनी कुमारी और सीता कुमारी शामिल हैं। स्कूल परिसर में छात्राओं की तबीयत बिगड़ने के बाद अफरा-तफरी का माहौल बन गया। इसके बाद सभी को तत्काल स्वास्थ्य केंद्र पहुंचाया गया।

प्रशासन और शिक्षा विभाग ने शुरू की जांच
घटना की जानकारी मिलने के बाद प्रशासनिक अधिकारी और स्थानीय पुलिस मौके पर पहुंचे तथा मामले की जांच शुरू कर दी। अधिकारियों ने स्कूल प्रबंधन, शिक्षकों, छात्राओं और अभिभावकों से जानकारी जुटानी शुरू कर दी है ताकि पूरे घटनाक्रम की वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो सके।प्रशासन के अनुसार, उपचार के बाद सभी छात्राओं की स्थिति सामान्य है और उन्हें अस्पताल से छुट्टी दे दी गई है। अधिकारियों का कहना है कि जांच रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। यदि किसी प्रकार की लापरवाही या नियमों का उल्लंघन पाया जाता है, तो संबंधित स्तर पर आवश्यक कदम उठाए जाएंगे।
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स्कूलों में शारीरिक दंड पर फिर उठे सवाल
इस घटना के बाद स्कूलों में बच्चों को दी जाने वाली सजा और शारीरिक दंड को लेकर एक बार फिर बहस शुरू हो गई है। शिक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि छात्रों को अनुशासित करने के लिए सकारात्मक और संवेदनशील तरीकों को अपनाना अधिक प्रभावी होता है। फिलहाल प्रशासन और शिक्षा विभाग की जांच के बाद ही मामले की पूरी तस्वीर स्पष्ट हो सकेगी।

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मैंने सेंट्रल यूनिवर्सिटी ऑफ झारखंड से पत्रकारिता में पोस्ट ग्रेजुएशन की डिग्री ली है। पत्रकारिता के क्षेत्र में बतौर रिपोर्टर मेरा अनुभव फिलहाल एक साल से कम है। सामाचार पोस्ट मीडिया के साथ जुड़कर स्टाफ रिपोर्टर के रूप में काम कर रही हूं।

