JPSC पीटी रिजल्ट पर भाजपा का हमला, परिणाम रद्द कर CBI जांच की मांग

Rupa Kumari | July 6, 2026 | 02:37 PM IST

Samachar Post रिपोर्टर, रांची : 14वीं झारखंड संयुक्त सिविल सेवा (जेपीएससी ) प्रारंभिक परीक्षा के परिणाम को लेकर राजनीतिक विवाद गहरा गया है। भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने परीक्षा परिणाम में कथित अनियमितताओं का आरोप लगाते हुए परिणाम रद्द करने और पूरे मामले की सीबीआई जांच कराने की मांग की है। भाजपा के प्रदेश प्रवक्ता प्रतुल शाहदेव ने प्रेस वार्ता में झारखंड सरकार और जेपीएससी पर गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि परीक्षा परिणाम में कई विसंगतियां सामने आई हैं और इससे अभ्यर्थियों के भविष्य पर सवाल खड़े हो गए हैं।प्रतुल शाहदेव ने तंज कसते हुए कहा कि जेपीएससी को “झारखंड परीक्षा संकट आयोग” कहा जाना चाहिए। उनका आरोप है कि आयोग की कार्यप्रणाली लगातार विवादों में रही है और इस बार भी परिणाम को लेकर गंभीर प्रश्न उठ रहे हैं।

रिजल्ट पर हस्ताक्षर को लेकर विवाद

भाजपा का दावा है कि जारी किए गए परिणाम पर आयोग के सभी सदस्यों की सहमति नहीं है। प्रतुल शाहदेव ने आरोप लगाया कि आयोग के कुछ सदस्यों ने कथित तौर पर परिणाम पर हस्ताक्षर करने से इनकार किया है। हालांकि इस संबंध में आयोग की ओर से आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने आना बाकी है। भाजपा ने मुख्य परीक्षा की तैयारी के लिए दिए गए समय पर भी सवाल उठाए हैं। पार्टी का कहना है कि पीटी परिणाम और मुख्य परीक्षा के बीच अभ्यर्थियों को पर्याप्त समय मिलना चाहिए था। उनका तर्क है कि इतने कम समय में उम्मीदवारों के लिए तैयारी करना कठिन होगा।

ओएमआर शीट और मेरिट सूची में गड़बड़ी का आरोप

प्रतुल शाहदेव ने ओएमआर शीट और परिणाम प्रक्रिया में कथित अनियमितताओं का आरोप लगाया। उन्होंने दावा किया कि परिणाम सूची में कई अभ्यर्थियों से जुड़ी विसंगतियां दिखाई दे रही हैं और इसकी निष्पक्ष जांच आवश्यक है। भाजपा ने मांग की है कि पूरे मामले की जांचसीबीआई  से कराई जाए तथा यदि किसी स्तर पर अनियमितता पाई जाती है तो जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाए।

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आंदोलन की चेतावनी

भाजपा ने चेतावनी दी है कि यदि अभ्यर्थियों की शिकायतों का समाधान नहीं किया गया और मामले की निष्पक्ष जांच नहीं हुई, तो पार्टी इस मुद्दे को लेकर व्यापक आंदोलन करेगी। वहीं, जेपीएससी की ओर से इन आरोपों पर आधिकारिक प्रतिक्रिया का इंतजार है। परीक्षा परिणाम को लेकर उठे सवालों और अभ्यर्थियों की शिकायतों के बीच अब सबकी नजर आयोग और राज्य सरकार के अगले कदम पर टिकी है।

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