16वें वित्त आयोग से झारखंड को 14,231 करोड़ रुपये का अनुदान, राष्ट्रीय कार्यशाला में मंत्री दीपिका पांडेय सिंह ने रखी राज्य की मांगें

Rupa Kumari | July 3, 2026 | 04:18 PM IST
  • नई दिल्ली में आयोजित कार्यशाला में पंचायतों को मजबूत बनाने पर जोर, 15वें वित्त आयोग की बकाया राशि जल्द जारी करने की भी मांग

Samachar Post डेस्क, रांची : झारखंड की ग्रामीण विकास, ग्रामीण कार्य एवं पंचायती राज मंत्री दीपिका पांडेय सिंह ने शुक्रवार को नई दिल्ली में आयोजित 16वें वित्त आयोग की अनुशंसाओं से संबंधित राष्ट्रीय कार्यशाला में हिस्सा लिया। इस दौरान उन्होंने झारखंड की पंचायतों के अधिकार, वित्तीय सशक्तीकरण और ग्रामीण विकास से जुड़े मुद्दों को प्रमुखता से उठाया। मंत्री ने बताया कि वर्ष 2026-27 से 2030-31 के बीच झारखंड को 16वें वित्त आयोग के तहत लगभग 14,231 करोड़ रुपये की अनुदान राशि प्राप्त होने का अनुमान है।

11,385 करोड़ बेसिक और 2,846 करोड़ परफॉर्मेंस ग्रांट

दीपिका पांडेय सिंह के अनुसार प्रस्तावित अनुदान में करीब 11,385 करोड़ रुपये बेसिक ग्रांट और 2,846 करोड़ रुपये परफॉर्मेंस ग्रांट शामिल हैं। उन्होंने कहा कि इस राशि का उपयोग ग्राम पंचायतों, पंचायत समितियों और जिला परिषदों को मजबूत बनाने के साथ-साथ स्थानीय विकास कार्यों और जनसेवाओं को गति देने में किया जाएगा। कार्यशाला के दौरान मंत्री ने केंद्र सरकार से 15वें वित्त आयोग की लंबित अनुदान राशि जल्द जारी करने का अनुरोध किया। उनका कहना था कि समय पर वित्तीय सहायता मिलने से ग्रामीण विकास योजनाओं के क्रियान्वयन में तेजी आएगी और पंचायतों की कार्यक्षमता बढ़ेगी।

समय पर मिले 16वें वित्त आयोग का अनुदान

मंत्री ने केंद्र से आग्रह किया कि 16वें वित्त आयोग के तहत स्वीकृत अनुदान राशि समय पर जारी की जाए, ताकि विकास परियोजनाएं प्रभावित न हों। उन्होंने कहा कि झारखंड जैसे राज्यों की वास्तविक परिस्थितियों और सीमित राजस्व क्षमता को ध्यान में रखते हुए परफॉर्मेंस ग्रांट के निर्धारण में उदार दृष्टिकोण अपनाया जाना चाहिए।

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डिजिटल पंचायतों के लिए अतिरिक्त संसाधनों की मांग

दीपिका पांडेय सिंह ने डिजिटल पंचायत व्यवस्था को मजबूत करने पर भी जोर दिया। उन्होंने कहा कि पंचायत स्तर पर कार्यरत सहायक सचिवों के बेहतर मानदेय तथा प्रशासनिक खर्चों के लिए पर्याप्त वित्तीय संसाधन उपलब्ध कराए जाने चाहिए, ताकि ग्रामीण प्रशासन अधिक प्रभावी और जवाबदेह बन सके।

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