कैबिनेट के फैसले के विरोध में सचिवालय सेवा अधिकारियों का प्रदर्शन, कार्मिक सचिव के खिलाफ नारेबाजी

Rupa Kumari | July 3, 2026 | 04:11 PM IST
  • प्रोन्नति अवधि 8 से बढ़ाकर 16 वर्ष किए जाने पर नाराजगी, निर्णय वापस लेने की मांग

Samachar Post रिपोर्टर, रांची : झारखंड सरकार के हालिया कैबिनेट निर्णय के विरोध में सचिवालय सेवा के अधिकारियों ने शुक्रवार को प्रोजेक्ट भवन परिसर में प्रदर्शन किया। इस दौरान अधिकारियों ने सरकार के फैसले के खिलाफ नारेबाजी की और कार्मिक सचिव प्रवीण कुमार टोप्पो के खिलाफ भी विरोध जताया। प्रदर्शनकारियों का आरोप है कि नियमों में किए गए संशोधन से सचिवालय सेवा के अधिकारियों की पदोन्नति प्रक्रिया प्रभावित होगी और उनके करियर पर प्रतिकूल असर पड़ेगा।

प्रोन्नति अवधि दोगुनी होने पर नाराजगी

सचिवालय सेवा संघ के अनुसार, पहले लागू व्यवस्था के तहत अधिकारियों को निर्धारित समय-सीमा में प्रोन्नति का लाभ मिलना था। लेकिन हालिया संशोधन के बाद सचिवालय सेवा के अधिकारियों के लिए प्रोन्नति की अवधि 8 वर्ष से बढ़ाकर 16 वर्ष कर दी गई है। संघ का कहना है कि इससे अधिकारियों को पदोन्नति के लिए पहले की तुलना में दोगुना इंतजार करना पड़ेगा।

हाईकोर्ट में भी लंबित है मामला

संघ के पदाधिकारियों के मुताबिक, कार्मिक विभाग के एक पूर्व संकल्प के आधार पर सचिवालय सेवा के अधिकारियों ने झारखंड हाईकोर्ट में याचिका दायर की थी। उनका दावा है कि अदालत ने संबंधित संकल्प के अनुरूप प्रोन्नति देने को लेकर निर्देश भी दिए थे और मामले की अगली सुनवाई 9 जुलाई को प्रस्तावित है। अधिकारियों का आरोप है कि इसी बीच सरकार ने कैबिनेट के माध्यम से नियमों में संशोधन कर सचिवालय सेवा को पूर्व व्यवस्था के दायरे से बाहर कर दिया।

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भेदभाव का आरोप

सचिवालय सेवा संघ का कहना है कि नई व्यवस्था लागू होने पर कम ग्रेड पे वाले कुछ अधिकारी और कर्मचारी उनसे पहले प्रोन्नति प्राप्त कर सकते हैं, जबकि सचिवालय सेवा के अधिकारियों को अधिक समय तक प्रतीक्षा करनी पड़ेगी। संघ ने इसे सेवा हितों के खिलाफ बताते हुए सरकार से फैसले पर पुनर्विचार करने की मांग की है। प्रदर्शनकारी अधिकारियों ने कहा कि यदि उनकी मांगों पर गंभीरता से विचार नहीं किया गया तो आंदोलन को और व्यापक रूप दिया जाएगा। फिलहाल संघ सरकार से वार्ता और पूर्व व्यवस्था बहाल करने की मांग कर रहा है।

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