- डुमरी विधायक ने मुख्यमंत्री को घेरा, कहा- प्रशासनिक पद कम करने से नहीं, रोजगार बढ़ाने से होगा राज्य का विकास
Samachar Post रिपोर्टर, रांची : झारखंड सरकार के उस फैसले को लेकर राजनीतिक बहस तेज हो गई है, जिसमें 12 पंचायतों से कम वाले प्रखंडों में बीडीओ (BDO) और सीओ (CO) के अलग-अलग पद समाप्त कर एक ही अधिकारी को दोनों जिम्मेदारियां सौंपने का निर्णय लिया गया है। इस फैसले पर डुमरी विधायक जयराम महतो ने कड़ी आपत्ति जताई है। सोशल मीडिया पर मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन को संबोधित एक विस्तृत संदेश में जयराम महतो ने कहा कि बीडीओ और सीओ के पद घटाने से सरकार को कोई बड़ा आर्थिक लाभ नहीं होगा, लेकिन प्रशासनिक व्यवस्था और युवाओं के रोजगार के अवसर प्रभावित हो सकते हैं।
पैसा बचाना है तो VIP सुरक्षा कम कीजिए
जयराम महतो ने कहा कि यदि सरकार वास्तव में खर्च कम करना चाहती है तो प्रशासनिक पदों में कटौती करने के बजाय मंत्रियों और वीआईपी व्यक्तियों की सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा करनी चाहिए। उनके अनुसार कई वीआईपी को आवश्यकता से अधिक सुरक्षा उपलब्ध कराई गई है।उन्होंने सुझाव दिया कि अतिरिक्त सुरक्षाकर्मियों को भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (ACB) जैसी एजेंसियों में तैनात किया जाए, ताकि भ्रष्टाचार के मामलों की जांच और कार्रवाई को गति मिल सके।
रोजगार और नियुक्तियों पर उठाए सवाल
विधायक ने राज्य की भर्ती प्रक्रिया पर भी सवाल खड़े किए। उन्होंने कहा कि झारखंड में अब तक कोई प्रभावी नियुक्ति कैलेंडर लागू नहीं है और विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं के माध्यम से समय पर नियुक्तियां नहीं हो पा रही हैं। उनका कहना है कि सरकार को पदों में कटौती करने के बजाय रिक्त पदों पर बहाली की प्रक्रिया तेज करनी चाहिए। उन्होंने आयोगों की क्षमता बढ़ाने और तय समयसीमा के भीतर नियुक्तियां पूरी करने की मांग की।

107 पद कम होने से युवाओं पर असर
जयराम महतो ने दावा किया कि सरकार के फैसले से बीडीओ और सीओ स्तर के करीब 107 पद प्रभावित होंगे। इससे सरकारी नौकरियों की संभावनाएं कम होंगी और युवाओं के बीच निराशा बढ़ सकती है। उन्होंने कहा कि राज्य को पद समाप्त करने की नहीं, बल्कि नए रोजगार सृजित करने की आवश्यकता है। अपने संदेश में उन्होंने एक कहावत का उल्लेख करते हुए सरकार की नीतियों पर सवाल भी उठाए। विधायक ने कुछ अधिकारियों पर सरकार को वास्तविक स्थिति से अवगत नहीं कराने का आरोप लगाया। उन्होंने मुख्यमंत्री से प्रशासनिक ढांचे को मजबूत करने, रिक्त पदों पर जल्द नियुक्तियां करने और युवाओं का भरोसा बनाए रखने की अपील की।
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क्या है सरकार का फैसला?
हाल ही में हुई राज्य मंत्रिपरिषद की बैठक में निर्णय लिया गया था कि जिन प्रखंडों में 12 से कम पंचायतें हैं, वहां बीडीओ और सीओ के अलग-अलग पद नहीं रहेंगे। ऐसे प्रखंडों में एक ही अधिकारी दोनों जिम्मेदारियों का निर्वहन करेगा। सरकार का मानना है कि इससे प्रशासनिक संसाधनों का बेहतर उपयोग हो सकेगा।

Reporter | Samachar Post
मैंने सेंट्रल यूनिवर्सिटी ऑफ झारखंड से पत्रकारिता में पोस्ट ग्रेजुएशन की डिग्री ली है। पत्रकारिता के क्षेत्र में बतौर रिपोर्टर मेरा अनुभव फिलहाल एक साल से कम है। सामाचार पोस्ट मीडिया के साथ जुड़कर स्टाफ रिपोर्टर के रूप में काम कर रही हूं।

