Samachar Post रिपोर्टर,रांची :झारखंड के बहुचर्चित शराब घोटाले में हाईकोर्ट ने अहम फैसला सुनाते हुए आरोपी रुण पति त्रिपाठी और अरविंद कुमार की अग्रिम जमानत याचिकाएं खारिज कर दी हैं। इस फैसले को जांच एजेंसियों के लिए बड़ी राहत और महत्वपूर्ण सफलता माना जा रहा है। जांच एजेंसियों के अनुसार, पूर्व सरकारी नीति सलाहकार अरुण पति त्रिपाठी पर आरोप है कि उन्होंने झारखंड की आबकारी नीति में बदलाव कर छत्तीसगढ़ की कुछ प्लेसमेंट एजेंसियों को अनुचित लाभ पहुंचाया। इस कथित साजिश के चलते राज्य को भारी राजस्व नुकसान हुआ।
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2500 करोड़ से अधिक के घोटाले का आरोप
इस पूरे मामले में एक संगठित सिंडिकेट के जरिए राज्य को 2500 करोड़ रुपये से अधिक की चपत लगाने का आरोप है। जांच में यह भी सामने आया है कि यह घोटाला छत्तीसगढ़ के शराब घोटाले से भी जुड़ा हुआ है, जिससे इसकी गंभीरता और बढ़ जाती है। मामले की जांच ईडी, एसीबी और सीबीआई जैसी प्रमुख एजेंसियां कर रही हैं। इससे पहले एसीबी की विशेष अदालत में भी आरोपियों को राहत नहीं मिली थी, जिसके बाद उन्होंने हाईकोर्ट का रुख किया था।
जांच एजेंसियों का पक्ष हुआ मजबूत
हाईकोर्ट द्वारा अग्रिम जमानत याचिका खारिज किए जाने के बाद जांच एजेंसियों का पक्ष और मजबूत हो गया है। माना जा रहा है कि आने वाले दिनों में इस मामले में और बड़े खुलासे हो सकते हैं, जिससे आरोपियों की मुश्किलें और बढ़ सकती हैं।
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