Samachar Post रिपोर्टर, रांची :राष्ट्रीय पंचायती राज दिवस के मौके पर झारखंड में पंचायतों के सशक्तिकरण को नई दिशा देने की पहल हुई। राजधानी रांची के टाना भगत स्टेडियम, खेलगांव में ‘मुख्यमंत्री पंचायत प्रोत्साहन पुरस्कार सह मुखिया सम्मेलन 2026’ का भव्य आयोजन किया गया। कार्यक्रम में मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए और पंचायतों की भूमिका को मजबूत करने पर जोर दिया।
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बेहतर काम करने वाली पंचायतों को मिला सम्मान
सम्मेलन का उद्देश्य ग्रामीण स्तर पर उत्कृष्ट कार्य करने वाली पंचायतों और मुखियाओं को प्रोत्साहित करना था। मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन में कहा कि पंचायतें लोकतंत्र की नींव हैं और गांवों के विकास में उनकी भूमिका बेहद अहम है। उन्होंने बेहतर शासन, बुनियादी सुविधाओं और जनसेवा के क्षेत्र में सराहनीय कार्य करने वाली पंचायतों को सम्मानित किया। कार्यक्रम में पंचायती राज मंत्री दीपिका पांडे सिंह भी मौजूद रहीं। उन्होंने 73वें संवैधानिक संशोधन के तहत पंचायतों को अधिक अधिकार देने की प्रतिबद्धता दोहराई। मुख्यमंत्री ने बताया कि ‘मुख्यमंत्री पंचायत प्रोत्साहन योजना’ के जरिए सरकार हर पंचायत तक विकास की पहुंच सुनिश्चित कर रही है।
दक्षिणी छोटानागपुर के प्रतिनिधियों की भागीदारी
सम्मेलन में दक्षिणी छोटानागपुर प्रमंडल के पंचायत प्रतिनिधियों ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया। इस दौरान प्रतिनिधियों ने अपने-अपने क्षेत्रों में किए गए नवाचारों और विकास कार्यों को साझा किया, जिससे अन्य पंचायतों को भी प्रेरणा मिल सके। राज्य सरकार द्वारा बेहतर प्रदर्शन करने वाली पंचायतों को लाखों रुपये तक के पुरस्कार दिए जाते हैं। इससे पंचायतों के बीच सकारात्मक प्रतिस्पर्धा बढ़ती है और गांवों के सर्वांगीण विकास को गति मिलती है।
विकेंद्रीकरण से विकास को गति
यह सम्मेलन इस बात का संकेत है कि झारखंड में ग्रामीण विकास के लिए स्थानीय भागीदारी और विकेंद्रीकृत योजना को प्राथमिकता दी जा रही है। सरकार का मानना है कि मजबूत पंचायतें ही मजबूत राज्य की नींव तैयार करती हैं।
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