Samachar Post रिपोर्टर, गुमला : आधुनिक तकनीक का प्रभावी इस्तेमाल करते हुए गुमला जिले की घाघरा पुलिस ने नौ लोगों के खोए हुए मोबाइल फोन बरामद कर उनके वास्तविक मालिकों को सौंप दिए। इस कार्रवाई से न केवल लोगों की महंगी संपत्ति वापस मिली, बल्कि पुलिस के प्रति उनका भरोसा भी और मजबूत हुआ है। यह अभियान गुमला पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर चलाया गया, जिसके तहत भारत सरकार के सीईआईआर (Central Equipment Identity Register) पोर्टल की सहायता से घाघरा थाना क्षेत्र में गुम हुए मोबाइल फोन को ट्रैक कर सफलतापूर्वक बरामद किया गया।
थाना परिसर में लौटाए गए मोबाइल, खिल उठे लोगों के चेहरे
बरामद किए गए सभी मोबाइल फोन घाघरा थाना परिसर में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान उनके वास्तविक मालिकों को सौंपे गए। महीनों बाद अपना मोबाइल वापस मिलने पर लोगों के चेहरे खुशी से खिल उठे। मोबाइल प्राप्त करने वालों ने बताया कि उन्हें उम्मीद नहीं थी कि उनका खोया हुआ फोन दोबारा मिल पाएगा। कई लोगों ने कहा कि मोबाइल में महत्वपूर्ण दस्तावेज, संपर्क विवरण, तस्वीरें और निजी यादें सुरक्षित थीं, इसलिए फोन की बरामदगी उनके लिए बड़ी राहत साबित हुई।
मोबाइल मिलने पर लोगों ने जताया आभार
जिन लोगों को उनके मोबाइल लौटाए गए, उनमें विशाल कुमार, सुनील कुमार साहू, कामेश्वर उरांव, मनदीप कुमार तिवारी, मोतीलाल राम, संजना कुमारी, राजकुमार मांझी, जितु जितेंद्र श्रीवास्तव और राजेंद्र प्रसाद शामिल हैं। मोबाइल वापस मिलने के बाद सभी ने घाघरा पुलिस का धन्यवाद किया। कई लोगों ने कहा कि इस पहल ने पुलिस के प्रति उनका विश्वास और मजबूत किया है। लोगों का मानना है कि ऐसी कार्रवाइयों से आम जनता में सुरक्षा की भावना बढ़ती है।

सीईआईआर पोर्टल से मिली बड़ी मदद
घाघरा थाना प्रभारी मोहन कुमार ने बताया कि भारत सरकार का सीईआईआर पोर्टल खोए या चोरी हुए मोबाइल फोन को ट्रैक करने और ब्लॉक करने के लिए बेहद उपयोगी साबित हो रहा है। इसी तकनीक की मदद से पुलिस लगातार गुम हुए मोबाइल फोनों की बरामदगी में सफलता हासिल कर रही है। उन्होंने कहा कि इस व्यवस्था से न केवल मोबाइल फोन वापस मिल रहे हैं, बल्कि उनमें सुरक्षित महत्वपूर्ण डेटा की सुरक्षा भी सुनिश्चित हो रही है।
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मोबाइल खोने पर तुरंत करें शिकायत
पुलिस ने लोगों से अपील की है कि यदि उनका मोबाइल फोन खो जाए या चोरी हो जाए, तो तत्काल नजदीकी थाना में शिकायत दर्ज कराएं। साथ ही सीईआईआर पोर्टल पर भी आवश्यक जानकारी दर्ज करें। पुलिस के अनुसार, जितनी जल्दी शिकायत दर्ज होगी, मोबाइल को ट्रैक कर बरामद करने की संभावना उतनी ही अधिक होगी। घाघरा पुलिस की यह पहल तकनीक आधारित स्मार्ट पुलिसिंग का एक सफल उदाहरण मानी जा रही है। इस कार्रवाई की पूरे जिले में सराहना हो रही है और लोगों का पुलिस पर भरोसा पहले से अधिक मजबूत हुआ है।

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मैंने सेंट्रल यूनिवर्सिटी ऑफ झारखंड से पत्रकारिता में पोस्ट ग्रेजुएशन की डिग्री ली है। पत्रकारिता के क्षेत्र में बतौर रिपोर्टर मेरा अनुभव फिलहाल एक साल से कम है। सामाचार पोस्ट मीडिया के साथ जुड़कर स्टाफ रिपोर्टर के रूप में काम कर रही हूं।
