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गुमला में फिर दिखी बदहाल व्यवस्था की तस्वीर, प्रसव पीड़ा से तड़पती गर्भवती को बहंगी पर ढोकर पहुंचाया अस्पताल

Gumla News | June 2, 2026

Samachar Post रिपोर्टर, गुमला : झारखंड के ग्रामीण इलाकों में बुनियादी सुविधाओं की कमी एक बार फिर उजागर हुई है। गुमला जिले के पालकोट प्रखंड स्थित लाधुडेरा गांव में प्रसव पीड़ा से जूझ रही एक गर्भवती महिला को परिजनों और ग्रामीणों ने बहंगी के सहारे करीब 4 किलोमीटर पैदल चलकर अस्पताल पहुंचाया।

बहंगी बन गई एंबुलेंस

जानकारी के अनुसार लाधुडेरा गांव निवासी पैरू खड़िया की पत्नी सुषमा देवी को अचानक प्रसव पीड़ा शुरू हुई। गांव तक सड़क नहीं होने के कारण एंबुलेंस पहुंचना संभव नहीं था। ऐसे में परिजनों ने ग्रामीणों की मदद से महिला को बहंगी में बैठाकर पथरीले और दुर्गम रास्ते से पंचायत मुख्यालय तक पहुंचाया। करीब चार किलोमीटर पैदल चलने के बाद महिला को एक निजी वाहन से सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पालकोट ले जाया गया, जहां उनका इलाज जारी है।

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सड़क नहीं, इसलिए नहीं पहुंच पाती एंबुलेंस

 ग्रामीणों का कहना है कि लाधुडेरा गांव आज भी पक्की सड़क से नहीं जुड़ा है। गांव तक वाहन नहीं पहुंच पाते, जिसके कारण मरीजों को मुख्य सड़क तक बहंगी या खटिया के सहारे ले जाना पड़ता है। ग्रामीणों ने बताया कि सड़क के अलावा गांव में पेयजल और अन्य बुनियादी सुविधाओं का भी अभाव है, जिससे लोगों को रोजमर्रा की जिंदगी में कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है।

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पहले भी सामने आ चुकी हैं ऐसी तस्वीरें

गुमला जिले के कई दूरदराज गांवों से पहले भी मरीजों को खटिया या बहंगी पर अस्पताल पहुंचाने की तस्वीरें सामने आती रही हैं। डुमरी और चैनपुर प्रखंडों में भी ऐसी घटनाएं चर्चा का विषय बनी थीं, जहां बीमार लोगों को कई किलोमीटर पैदल ढोकर स्वास्थ्य केंद्र तक ले जाना पड़ा था। पूर्व विधायक कमलेश उरांव ने इस तरह की घटनाओं को चिंताजनक बताया है। वहीं पूर्व सांसद सुदर्शन भगत ने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में सड़क और स्वास्थ्य सुविधाओं को बेहतर बनाने के प्रयास किए जा रहे हैं, ताकि लोगों को ऐसी परेशानियों का सामना न करना पड़े। हाल के दिनों में साहिबगंज से भी मरीजों को खटिया पर अस्पताल पहुंचाने की तस्वीरें सामने आई थीं। लगातार सामने आ रही ऐसी घटनाओं ने ग्रामीण क्षेत्रों में सड़क, स्वास्थ्य और आपातकालीन सेवाओं की उपलब्धता पर सवाल खड़े कर दिए हैं।

 

 

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