पश्चिमी सिंहभूम में आयुष विभाग का निःशुल्क स्वास्थ्य शिविर, 64 ग्रामीणों की हुई स्वास्थ्य जांच

Rupa Kumari | July 21, 2026 | 01:33 PM IST
  • तीन प्रखंडों के गांवों में आयोजित शिविर में मरीजों को मिला परामर्श और निःशुल्क दवाएं

Samachar Post रिपोर्टर, चाईबासा : पश्चिमी सिंहभूम जिले के विभिन्न ग्रामीण क्षेत्रों में आयुष विभाग की ओर से निःशुल्क स्वास्थ्य शिविर आयोजित किए गए। शिविरों में कुल 64 लोगों का स्वास्थ्य परीक्षण किया गया और जरूरतमंद मरीजों के बीच निःशुल्क आयुष औषधियों का वितरण किया गया। इस दौरान चिकित्सकों ने विभिन्न बीमारियों की जांच कर उपचार संबंधी परामर्श भी दिया।

गठिया, मधुमेह और उच्च रक्तचाप समेत कई रोगों की जांच

स्वास्थ्य शिविर में गठिया, वात रोग, बुखार, सर्दी-खांसी, नस संबंधी समस्याएं, त्वचा रोग, पेट से जुड़ी बीमारियां, उच्च रक्तचाप और मधुमेह जैसी सामान्य एवं दीर्घकालिक बीमारियों की जांच की गई। मरीजों को उनके स्वास्थ्य के अनुसार आवश्यक सलाह और दवाएं उपलब्ध कराई गईं।शिविर में सामुदायिक आयुष स्वास्थ्य पदाधिकारी डॉ. यशवंती, डॉ. अनीश और डॉ. राधिका ने स्वास्थ्य जांच और दवा वितरण की जिम्मेदारी निभाई। आयुष विभाग की ओर से हाटगम्हरिया प्रखंड के कालीमाटी, तांतनगर प्रखंड के केसिया तथा मनोहरपुर प्रखंड के टांगरैन गांव में स्वास्थ्य शिविर लगाए गए। ग्रामीणों को मौसमी बीमारियों और स्वास्थ्य संबंधी सावधानियों की भी जानकारी दी गई।

सर्पदंश और कीड़े-मकोड़ों से बचाव की दी जानकारी

चिकित्सकों ने ग्रामीणों को सर्पदंश और जहरीले कीड़े-मकोड़ों से बचाव के उपाय बताए। उन्होंने कहा कि ऐसी घटनाओं में झाड़-फूंक या अंधविश्वास का सहारा लेने के बजाय मरीज को तुरंत नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र या अस्पताल पहुंचाना चाहिए, ताकि समय पर उपचार मिल सके।ग्रामीणों को घर से बाहर निकलते समय चप्पल या जूते पहनने तथा जमीन पर सोने के बजाय खाट, चारपाई या पलंग का उपयोग करने की सलाह दी गई। इससे सर्पदंश और अन्य कीटजनित खतरों को कम किया जा सकता है।

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योग और स्वच्छता के प्रति किया गया जागरूक

शिविर के दौरान योग सत्र का आयोजन भी किया गया, जिसमें ग्रामीणों को नियमित योग अपनाने के लिए प्रेरित किया गया। चिकित्सकों ने संतुलित एवं पौष्टिक भोजन, स्वच्छ पेयजल के उपयोग, घर और आसपास साफ-सफाई बनाए रखने तथा व्यक्तिगत स्वच्छता पर विशेष ध्यान देने की सलाह दी। इसके अलावा ग्रामीणों से किसी भी स्वास्थ्य समस्या की स्थिति में गांव की सहिया से संपर्क करने और समय पर स्वास्थ्य केंद्र में जांच एवं उपचार कराने की अपील की गई।

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