Samachar Post रिपोर्टर, रांची : राजेंद्र आयुर्विज्ञान संस्थान (रिम्स) को आधुनिक और मरीज-केंद्रित स्वास्थ्य संस्थान बनाने की दिशा में झारखंड सरकार ने कई महत्वपूर्ण फैसले लिए हैं। स्वास्थ्य, चिकित्सा शिक्षा एवं परिवार कल्याण मंत्री डॉ. इरफान अंसारी की अध्यक्षता में मंगलवार को आयोजित रिम्स शासी परिषद की बैठक में अस्पताल के बुनियादी ढांचे, चिकित्सा सुविधाओं और मेडिकल शिक्षा को नई ऊंचाई देने वाले कई प्रस्तावों को मंजूरी दी गई। बैठक में विधायक सुरेश बैठा, अपर मुख्य सचिव अजय कुमार सिंह, रिम्स निदेशक डॉ. दीपेंद्र कुमार सिन्हा, वित्त विभाग के प्रधान सचिव समेत कई वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे। बैठक में 19 एजेंडों और 5 अतिरिक्त महत्वपूर्ण विषयों पर चर्चा करते हुए रिम्स के व्यापक आधुनिकीकरण का रोडमैप तैयार किया गया।
रिम्स को राष्ट्रीय स्तर का संस्थान बनाने पर जोर
स्वास्थ्य मंत्री डॉ. इरफान अंसारी ने कहा कि रिम्स को केवल इलाज का केंद्र नहीं, बल्कि आधुनिक चिकित्सा, उन्नत तकनीक और गुणवत्तापूर्ण मेडिकल शिक्षा का राष्ट्रीय मॉडल बनाया जाएगा। उन्होंने अधिकारियों को सभी स्वीकृत योजनाओं को समयबद्ध तरीके से लागू करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि मरीजों की सुविधा, चिकित्सा सेवाओं की गुणवत्ता और मेडिकल शिक्षा के स्तर पर किसी प्रकार का समझौता नहीं किया जाएगा।
अस्पताल परिसर में दिखेगा बड़ा बदलाव
बैठक में रिम्स के बुनियादी ढांचे को मजबूत करने के लिए कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए। अस्पताल परिसर के सभी शौचालयों को एयरपोर्ट की तर्ज पर आधुनिक और स्वच्छ बनाने का निर्देश दिया गया है। इसके साथ ही मुख्य प्रवेश द्वार को हाईटेक और आकर्षक स्वरूप देने का फैसला लिया गया। ऑर्थोपेडिक वार्ड का पूर्ण पुनर्निर्माण किया जाएगा, जबकि अस्पताल भवनों और फर्श का तकनीकी निरीक्षण कर आवश्यक स्थानों पर मरम्मत और पुनर्निर्माण कराया जाएगा। मरीजों और उनके परिजनों को बेहतर मार्गदर्शन और सहायता उपलब्ध कराने के लिए 15 सहायक कर्मियों के साथ आधुनिक हेल्प डेस्क स्थापित करने का निर्णय लिया गया है। इसके अलावा अस्पताल प्रबंधन व्यवस्था को मजबूत बनाने के लिए आवश्यकता के अनुसार हॉस्पिटल मैनेजरों की नियुक्ति भी की जाएगी।

200 अत्याधुनिक वेंटिलेटर और नई मशीनों की खरीद
रिम्स में स्वास्थ्य सेवाओं को और सशक्त बनाने के लिए 200 आधुनिक वेंटिलेटर खरीदने का निर्णय लिया गया है। साथ ही जिन चिकित्सा उपकरणों और मशीनों के टेंडर पूरे हो चुके हैं लेकिन खरीद आदेश लंबित हैं, उन्हें तत्काल जारी करने के निर्देश दिए गए हैं। अस्पताल की जरूरतों के अनुसार अन्य आवश्यक चिकित्सा उपकरणों और मशीनों की खरीद भी जल्द सुनिश्चित की जाएगी। रिम्स में आधुनिक चिकित्सा तकनीक को बढ़ावा देने के लिए रोबोटिक सर्जरी की शुरुआत की प्रक्रिया तेज करने का फैसला लिया गया है। वहीं मेडिकल छात्रों के लिए स्मार्ट क्लासरूम स्थापित कर मेडिकल शिक्षा को तकनीक आधारित और अधिक प्रभावी बनाने की दिशा में कदम बढ़ाया गया है।
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मेडिकल शिक्षा और आधारभूत संरचना का होगा विस्तार
एमबीबीएस सीटों की संख्या 250 होने के बाद आवश्यक छात्रावास, शैक्षणिक भवन और अन्य आधारभूत सुविधाओं के विस्तार के लिए तकनीकी आकलन कराने का निर्देश दिया गया है। साथ ही यूजी और पीजी छात्रावासों को पीपीपी मॉडल पर संचालित करने की प्रक्रिया भी आगे बढ़ाई जाएगी। बैठक में थैलेसीमिया मरीजों के लिए बेहतर रक्त उपलब्धता सुनिश्चित करने और ब्लड बैंक को और सशक्त बनाने पर जोर दिया गया। बच्चों में आनुवंशिक बीमारियों की शुरुआती पहचान के लिए चल रही जेनेटिक स्क्रीनिंग व्यवस्था को मजबूत करने का भी निर्णय लिया गया। इसके अलावा स्टेम सेल संरक्षण के लिए पीपीपी मॉडल पर निजी कंपनी के चयन की संभावना पर विचार किया गया। ऑन्कोलॉजी विभाग के लिए रेडियोथेरेपी मशीन की खरीद प्रक्रिया तेज करने और अतिरिक्त वित्तीय स्वीकृति के लिए प्रस्ताव कैबिनेट को भेजने का निर्णय लिया गया है। साथ ही मरीजों के समग्र उपचार के लिए रिहैबिलिटेशन सेंटर स्थापित करने को भी मंजूरी दी गई है।
समयबद्ध क्रियान्वयन पर मंत्री की सख्ती
बैठक के अंत में स्वास्थ्य मंत्री डॉ. इरफान अंसारी ने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश देते हुए कहा कि अब रिम्स में केवल योजनाएं नहीं बनेंगी, बल्कि उनका समयबद्ध क्रियान्वयन भी सुनिश्चित किया जाएगा। उन्होंने विकास कार्यों में देरी, लापरवाही और गुणवत्ता से समझौता करने पर सख्त कार्रवाई की चेतावनी दी। उन्होंने कहा कि राज्य के लोगों को बेहतर इलाज के लिए दूसरे राज्यों का रुख न करना पड़े, यही सरकार की प्राथमिकता है। आधुनिक तकनीक, बेहतर संसाधनों और उत्कृष्ट स्वास्थ्य सेवाओं से सुसज्जित रिम्स को देश के अग्रणी सरकारी चिकित्सा संस्थानों में शामिल करना सरकार का लक्ष्य है।

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मैंने सेंट्रल यूनिवर्सिटी ऑफ झारखंड से पत्रकारिता में पोस्ट ग्रेजुएशन की डिग्री ली है। पत्रकारिता के क्षेत्र में बतौर रिपोर्टर मेरा अनुभव फिलहाल एक साल से कम है। सामाचार पोस्ट मीडिया के साथ जुड़कर स्टाफ रिपोर्टर के रूप में काम कर रही हूं।

