Samachar Post रिपोर्टर, रांची : झारखंड के करीब 45 हजार पारा शिक्षकों को बड़ा झटका लगा है। झारखंड हाईकोर्ट ने शिक्षक पात्रता परीक्षा (TET) पास किए बिना इंटरमीडिएट प्रशिक्षित शिक्षक संयुक्त प्रतियोगिता परीक्षा 2026 में शामिल होने की अनुमति मांगने वाले पारा शिक्षकों को फिलहाल अंतरिम राहत देने से इनकार कर दिया है। हालांकि, अदालत ने याचिकाकर्ताओं को शिक्षा विभाग के समक्ष अभ्यावेदन देकर अपनी मांग रखने की छूट दी है। यह मामला झारखंड कर्मचारी चयन आयोग (JSSC) की ओर से आयोजित इंटरमीडिएट प्रशिक्षित शिक्षक संयुक्त प्रतियोगिता परीक्षा 2026 की पात्रता शर्तों से जुड़ा है। याचिकाकर्ता बिना JTET या निर्धारित मानकों के अनुरूप अन्य शिक्षक पात्रता परीक्षा पास किए प्रतियोगिता परीक्षा में शामिल होने का अवसर चाहते थे।
हाईकोर्ट ने अंतरिम राहत देने से किया इनकार
झारखंड हाईकोर्ट में न्यायमूर्ति दीपक रोशन की अदालत में ऋषिकांत तिवारी और अन्य 25 याचिकाकर्ताओं की याचिका पर सुनवाई हुई। याचिका में पारा कोटि के तहत आयोजित इंटरमीडिएट प्रशिक्षित शिक्षक संयुक्त प्रतियोगिता परीक्षा 2026 में शामिल होने की अनुमति मांगी गई थी। याचिकाकर्ताओं ने पात्रता संबंधी शर्तों में राहत देने का अनुरोध किया, लेकिन अदालत ने फिलहाल उन्हें अंतरिम राहत देने से इनकार कर दिया। इसके साथ ही याचिकाकर्ताओं को शिक्षा विभाग के समक्ष अपना पक्ष रखने का विकल्प दिया गया है।
क्या है पारा शिक्षकों की मांग?
याचिकाकर्ता कक्षा एक से पांच तक के शिक्षक पदों के लिए आयोजित होने वाली प्रतियोगिता परीक्षा में शामिल होना चाहते हैं। उनका कहना है कि JSSC के विज्ञापन में निर्धारित शिक्षक पात्रता परीक्षा पास करने की शर्त के कारण वे परीक्षा में शामिल नहीं हो पा रहे हैं। नियमानुसार, संबंधित पदों के लिए अभ्यर्थियों को झारखंड शिक्षक पात्रता परीक्षा (JTET) या विज्ञापन में निर्धारित मानकों के अनुरूप केंद्रीय शिक्षक पात्रता परीक्षा (CTET) अथवा अन्य मान्य शिक्षक पात्रता परीक्षा उत्तीर्ण करना जरूरी है।
तीन साल के भीतर JTET पास करने की दी दलील
सुनवाई के दौरान याचिकाकर्ताओं की ओर से दलील दी गई कि उन्होंने अभी तक JTET या संबंधित वैकल्पिक शिक्षक पात्रता परीक्षा पास नहीं की है। उन्होंने अदालत से प्रतियोगिता परीक्षा में शामिल होने का अवसर देने की मांग की। याचिकाकर्ताओं का तर्क था कि यदि उन्हें परीक्षा में शामिल होने की अनुमति मिलती है, तो वे निर्धारित तीन साल की अवधि के भीतर JTET उत्तीर्ण कर लेंगे। हालांकि, अदालत ने इस आधार पर फिलहाल अंतरिम राहत नहीं दी।
झारखंड के करीब 45 हजार पारा शिक्षकों पर पड़ सकता है असर
उपलब्ध जानकारी के अनुसार, झारखंड में लगभग 50 हजार पारा शिक्षक कार्यरत हैं। इनमें करीब पांच हजार शिक्षक JTET पास हैं, जबकि लगभग 45 हजार पारा शिक्षकों ने अभी तक यह परीक्षा उत्तीर्ण नहीं की है। ऐसे में हाईकोर्ट से अंतरिम राहत नहीं मिलने के फैसले का असर उन पारा शिक्षकों पर पड़ सकता है, जो पात्रता परीक्षा पास किए बिना प्रतियोगिता परीक्षा में शामिल होने की उम्मीद कर रहे थे। हालांकि, इस मामले में अंतिम स्थिति संबंधित भर्ती नियमों और आगे होने वाली कार्रवाई पर निर्भर करेगी।

शिक्षा विभाग के फैसले पर टिकी नजरें
हाईकोर्ट ने याचिकाकर्ताओं को शिक्षा विभाग के समक्ष अभ्यावेदन देने की छूट दी है। अब संबंधित पारा शिक्षक विभाग के सामने अपनी मांग और दलीलें रख सकते हैं। फिलहाल अदालत से अंतरिम राहत नहीं मिलने के कारण JTET पास नहीं करने वाले याचिकाकर्ताओं को परीक्षा में शामिल होने की अनुमति नहीं मिली है। आगे शिक्षा विभाग इस मामले में क्या निर्णय लेता है, इस पर संबंधित शिक्षकों की नजर रहेगी।




















