Samachar Post रिपोर्टर, रांची : झारखंड राज्यसभा चुनाव को लेकर पिछले 24 घंटों से जारी राजनीतिक सस्पेंस आखिरकार खत्म हो गया है। विवाद और कानूनी बहस के बीच निर्दलीय उम्मीदवार परिमल नथवाणी के नामांकन पत्र को वैध घोषित कर दिया गया है। स्क्रूटनी के दौरान होल्ड पर रखे गए उनके नामांकन को चुनाव अधिकारी ने सभी दस्तावेजों की जांच के बाद मंजूरी दे दी। हालांकि आधिकारिक घोषणा का इंतजार किया जा रहा है। इस फैसले के साथ ही राज्यसभा चुनाव का मुकाबला और रोचक हो गया है, क्योंकि अब मैदान में तीन प्रमुख उम्मीदवार आमने-सामने होंगे।
नाम और HUF दस्तावेजों को लेकर उठा था विवाद
नामांकन पत्रों की जांच के दौरान परिमल नथवाणी के नाम और हिंदू अविभाजित परिवार (HUF) से जुड़े दस्तावेजों पर सवाल खड़े किए गए थे। कांग्रेस ने इन तकनीकी बिंदुओं को आधार बनाते हुए उनका नामांकन रद्द करने की मांग की थी। मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए चुनाव अधिकारी ने तत्काल निर्णय लेने के बजाय नामांकन को होल्ड पर रखा था। इसके बाद दोनों पक्षों की दलीलें सुनी गईं और दस्तावेजों की विस्तृत जांच की गई। अंततः चुनाव अधिकारी ने कांग्रेस की आपत्तियों को खारिज करते हुए नामांकन को वैध माना।
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कांग्रेस ने किया विरोध, सलमान खुर्शीद भी पहुंचे
परिमल नथवाणी का नामांकन रद्द कराने के लिए कांग्रेस ने जोरदार विरोध दर्ज कराया। विधानसभा परिसर के बाहर पार्टी नेताओं और कार्यकर्ताओं ने प्रदर्शन किया और चुनाव प्रक्रिया में पारदर्शिता की मांग उठाई। मामले को कानूनी मजबूती देने के लिए कांग्रेस ने वरिष्ठ नेता और सुप्रीम कोर्ट के वरिष्ठ अधिवक्ता सलमान खुर्शीद को दिल्ली से रांची बुलाया था। हालांकि सुरक्षा नियमों का हवाला देते हुए उन्हें विधानसभा परिसर के भीतर प्रवेश की अनुमति नहीं दी गई। इसके बाद कांग्रेस नेताओं ने निर्वाची पदाधिकारी पर पक्षपात के आरोप भी लगाए।

भाजपा और समर्थकों में खुशी
नामांकन को मंजूरी मिलने के बाद भाजपा और परिमल नथवाणी समर्थकों में उत्साह देखा गया। समर्थकों ने इसे लोकतांत्रिक प्रक्रिया की जीत बताया और कहा कि जांच के दौरान किसी भी प्रकार की अनियमितता सामने नहीं आई। भाजपा नेताओं का आरोप है कि कांग्रेस ने राजनीतिक कारणों से इस मुद्दे को अनावश्यक रूप से विवादित बनाने की कोशिश की थी। नामांकन प्रक्रिया पूरी होने के बाद राज्यसभा चुनाव में अब तीन प्रमुख उम्मीदवार मैदान में हैं। बैजनाथ राम (झामुमो समर्थित उम्मीदवार) प्रणव झा (कांग्रेस), परिमल नथवाणी (निर्दलीय) तीनों उम्मीदवारों की मौजूदगी से चुनावी मुकाबला और दिलचस्प हो गया है।
दूसरी सीट पर होगी कड़ी टक्कर
राजनीतिक जानकारों का मानना है कि पहली सीट पर सत्तारूढ़ गठबंधन के उम्मीदवार की स्थिति मजबूत दिखाई दे रही है, जबकि दूसरी सीट पर मुकाबला काफी रोचक होने वाला है। कांग्रेस उम्मीदवार प्रणव झा और निर्दलीय उम्मीदवार परिमल नथवाणी के बीच समर्थन जुटाने की जंग तेज हो सकती है। नामांकन विवाद खत्म होने के बाद अब सभी राजनीतिक दलों का फोकस मतदान और विधायकों की गोलबंदी पर केंद्रित हो गया है। 18 जून को होने वाले मतदान पर पूरे राज्य की नजरें टिकी हुई हैं।

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मैंने सेंट्रल यूनिवर्सिटी ऑफ झारखंड से पत्रकारिता में पोस्ट ग्रेजुएशन की डिग्री ली है। पत्रकारिता के क्षेत्र में बतौर रिपोर्टर मेरा अनुभव फिलहाल एक साल से कम है। सामाचार पोस्ट मीडिया के साथ जुड़कर स्टाफ रिपोर्टर के रूप में काम कर रही हूं।
