संत गुरु रविदास की शिक्षाएं आज भी प्रासंगिक: अर्जुन मुंडा, 29 जुलाई से 20 फरवरी तक चलेगा देशव्यापी अभियान

Meenu | July 28, 2026 | 03:34 PM IST

Samachar Post रिपोर्टर, रांची : झारखंड के पूर्व मुख्यमंत्री अर्जुन मुंडा ने कहा है कि संत गुरु रविदास का जीवन और उनके विचार आज भी समाज के लिए प्रेरणास्रोत हैं। उन्होंने कहा कि भारत प्राचीन काल से आध्यात्मिक चेतना और मानव कल्याण का केंद्र रहा है, जहां अनेक संतों और महापुरुषों ने समानता, सेवा और सद्भाव का संदेश दिया। भाजपा प्रदेश कार्यालय में आयोजित प्रेस वार्ता में उन्होंने संत गुरु रविदास की 650वीं जयंती के अवसर पर आयोजित होने वाले देशव्यापी अभियान की जानकारी दी।

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समाज के लिए प्रेरणास्रोत हैं संत गुरु रविदास

अर्जुन मुंडा ने कहा कि संत गुरु रविदास ने अपने जीवन, विचारों और कर्मों के माध्यम से समाज को समानता, भाईचारे, सामाजिक समरसता और मानव कल्याण का मार्ग दिखाया। उन्होंने कहा कि उनकी शिक्षाएं आज भी सामाजिक सौहार्द और एकता को मजबूत करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं।

29 जुलाई से 20 फरवरी तक चलेगा राष्ट्रीय अभियान

उन्होंने बताया कि संत गुरु रविदास की 650वीं जयंती के उपलक्ष्य में 29 जुलाई से 20 फरवरी तक देशभर में विशेष अभियान चलाया जाएगा। इस दौरान भाजपा कार्यकर्ताओं के साथ समाज के विभिन्न वर्गों की भागीदारी सुनिश्चित की जाएगी। अभियान के माध्यम से संत रविदास के जीवन, संदेश और आदर्शों को जन-जन तक पहुंचाने का प्रयास किया जाएगा। अर्जुन मुंडा ने बताया कि 29 जुलाई को गुरु पूर्णिमा के अवसर पर विभिन्न धार्मिक स्थलों पर ‘समरसता दीप’ जलाए जाएंगे। इसका उद्देश्य समाज में सामाजिक समरसता, भाईचारे और एकता का संदेश फैलाना है।

‘कलश बंधन अभियान’ के तहत पहुंचेगी पवित्र मिट्टी

उन्होंने जानकारी दी कि ‘कलश बंधन अभियान’ के तहत सीर गोवर्धनपुर (वाराणसी) से पवित्र मिट्टी लाकर जिला और मंडल स्तर तक पहुंचाई जाएगी। इस पहल का उद्देश्य संत गुरु रविदास की आध्यात्मिक विरासत को गांव-गांव तक पहुंचाना और सामाजिक एकता की भावना को मजबूत करना है।

सामाजिक समरसता और राष्ट्रीय एकता पर जोर

अर्जुन मुंडा ने कहा कि यह अभियान केवल जयंती समारोह तक सीमित नहीं है, बल्कि भारत की आध्यात्मिक परंपरा, सेवा, समरसता और सामाजिक एकता को सशक्त बनाने का एक व्यापक प्रयास है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में यह अभियान पूरे देश में चलाया जाएगा और झारखंड में भी बड़ी संख्या में लोग इससे जुड़ेंगे।

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