झारखंड में 16 नक्सलियों ने हथियारों के साथ किया आत्मसमर्पण, माओवादी संगठन को बड़ा झटका

Rupa Kumari | July 28, 2026 | 02:00 PM IST

Samachar Post रिपोर्टर, रांची : झारखंड में नक्सल विरोधी अभियान के तहत सुरक्षा बलों को बड़ी सफलता मिली है। झारखंड पुलिस मुख्यालय में मंगलवार को 16 नक्सलियों ने हथियारों के साथ आत्मसमर्पण कर दिया। यह आत्मसमर्पण डीजीपी के निर्देश पर चलाए जा रहे संयुक्त अभियान ‘नवजीवन-II’ के तहत हुआ, जिसमें सीआरपीएफ, झारखंड पुलिस और झारखंड जगुआर की अहम भूमिका रही। कार्यक्रम में डीजीपी तदाशा मिश्रा समेत कई वरिष्ठ पुलिस और सुरक्षा अधिकारी मौजूद रहे।

माओवादी नेतृत्व का सुरक्षा घेरा हुआ कमजोर

पुलिस के अनुसार, आत्मसमर्पण करने वाले 16 नक्सलियों में से 14 नक्सली पोलित ब्यूरो सदस्य मिसिर बेसरा और केंद्रीय कमेटी सदस्य असीम मंडल की मारक टीम से जुड़े थे। ये नक्सली कोल्हान, सारंडा और चाईबासा क्षेत्र में सक्रिय रहते हुए संगठन के लिए सुरक्षा कवच और स्थानीय नेटवर्क के रूप में काम करते थे। सुरक्षा एजेंसियों का मानना है कि इन नक्सलियों के आत्मसमर्पण से माओवादी नेतृत्व का सुरक्षा घेरा कमजोर हुआ है और संगठन की गतिविधियों पर बड़ा असर पड़ेगा।

कई इनामी कमांडरों ने भी डाले हथियार

आत्मसमर्पण करने वालों में 15 लाख रुपये का इनामी नक्सली संतोष महतो भी शामिल है। इसके अलावा तीन जोनल कमांडर और तीन सब-जोनल कमांडर स्तर के नक्सलियों ने भी मुख्यधारा में लौटने का फैसला किया है। ये सभी पश्चिमी सिंहभूम, लातेहार, लोहरदगा, गिरिडीह, बोकारो समेत ओडिशा के सुंदरगढ़ क्षेत्र में सक्रिय रहे हैं और कई नक्सली गतिविधियों में शामिल बताए जाते हैं।

गिरफ्तारी, मुठभेड़ और सरेंडर से कमजोर हुआ संगठन

पिछले दो महीनों में सुरक्षा बलों की रणनीति ने नक्सली संगठन को लगातार कमजोर किया है। गिरफ्तारी, मुठभेड़ और आत्मसमर्पण की कार्रवाई को सुरक्षा एजेंसियां ‘ट्रिपल स्ट्राइक’ के रूप में देख रही हैं। 21 मई को 27 बड़े नक्सल कमांडरों के सामूहिक आत्मसमर्पण के बाद यह दूसरी बड़ी सफलता मानी जा रही है। इसके अलावा 13 जुलाई को 20 लाख रुपये के इनामी नक्सली कमांडर रवींद्र गंझू की गिरफ्तारी और 17 जुलाई को 25 लाख रुपये के इनामी अजय महतो उर्फ टाइगर की गिरफ्तारी से भी संगठन को बड़ा नुकसान पहुंचा है।

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2026 में अब तक 93 गिरफ्तार, 45 ने किया आत्मसमर्पण

पुलिस मुख्यालय के आंकड़ों के अनुसार, वर्ष 2026 में अब तक 93 नक्सलियों को गिरफ्तार किया जा चुका है। वहीं 45 नक्सलियों ने आत्मसमर्पण किया है और 22 नक्सली सुरक्षा बलों के साथ मुठभेड़ में मारे गए हैं। आत्मसमर्पण करने वाले 16 नक्सलियों के पास से 11 हथियार और 1,562 कारतूस बरामद किए गए हैं। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि सरकार की आत्मसमर्पण एवं पुनर्वास नीति के कारण बड़ी संख्या में नक्सली मुख्यधारा में लौट रहे हैं। अधिकारियों के अनुसार, नक्सलियों के सामने अब मुख्यधारा में शामिल होकर नया जीवन शुरू करने या कानून का सामना करने के अलावा कोई दूसरा विकल्प नहीं बचा है।

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