बिहार सिपाही भर्ती परीक्षा में अनियमितता का मामला, CCTV जांच के बाद केंद्राधीक्षक समेत कई लोगों पर FIR

Rupa Kumari | June 16, 2026 | 12:19 PM IST

Samachar Post डेस्क, बिहार : बिहार में सिपाही भर्ती और गृह रक्षा वाहिनी अधिनायक लिपिक भर्ती परीक्षा से जुड़ी कथित अनियमितताओं का मामला सामने आया है। नवादा जिले में परीक्षा संचालन के दौरान संदिग्ध गतिविधियों की जांच के बाद केंद्राधीक्षक, शिक्षक, वीक्षक सहित कई लोगों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की गई है। मामले की जांच पुलिस और संबंधित एजेंसियां कर रही हैं। जानकारी के अनुसार, 10 जून को आयोजित गृह रक्षा वाहिनी अधिनायक लिपिक भर्ती परीक्षा के दौरान प्रश्नपत्र की गोपनीयता भंग होने और परीक्षा प्रक्रिया में अनियमितता के आरोप सामने आए। इस संबंध में नगर थाना में प्राथमिकी दर्ज की गई है। एफआईआर में केंद्राधीक्षक गणेश पासवान, शिक्षक अजय कुमार और वीक्षक अनुष्का रानी को नामजद किया गया है। इसके अलावा मामले में अन्य संबंधित व्यक्तियों की भूमिका की भी जांच की जा रही है।

परीक्षा केंद्र पर मिलीं संदिग्ध गतिविधियां

प्राथमिकी के अनुसार, परीक्षा केंद्र के रूप में संचालित द दीक्षा पब्लिक स्कूल में तैनात स्टैटिक दंडाधिकारी सह प्रेक्षक ईश्वर प्रसाद ने परीक्षा के दौरान कुछ संदिग्ध गतिविधियां देखीं। जांच के दौरान यह भी सामने आया कि एक व्यक्ति बिना वैध पहचान पत्र के परीक्षा केंद्र में मौजूद था और स्वयं को केंद्राधीक्षक का सहयोगी बता रहा था। इसके बाद मामले की गहन जांच शुरू की गई।

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CCTV फुटेज से मिले अहम सुराग

मामला तब और गंभीर हो गया जब आयोग को प्रश्नपत्र से संबंधित सामग्री सोशल मीडिया पर प्रसारित होने की सूचना मिली। इसके बाद परीक्षा केंद्र के सीसीटीवी फुटेज की जांच की गई। जांच में कथित रूप से यह पाया गया कि एक कक्ष से प्रश्न पुस्तिकाओं को कुछ समय के लिए बाहर ले जाया गया था। अधिकारियों को आशंका है कि इसी दौरान प्रश्नपत्र की तस्वीरें लेकर उन्हें बाहर साझा किया गया हो सकता है। हालांकि, इन आरोपों की अंतिम पुष्टि जांच पूरी होने के बाद ही हो सकेगी।

एक आरोपी गिरफ्तार, जांच जारी

पुलिस ने मामले में संदिग्ध भूमिका के आरोप में अजय कुमार को गिरफ्तार कर लिया है। वहीं, अन्य आरोपितों और संभावित नेटवर्क की भूमिका की भी जांच की जा रही है। नगर थाना पुलिस का कहना है कि मामले के सभी पहलुओं की जांच की जा रही है और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। इस घटना के बाद भर्ती परीक्षाओं की सुरक्षा व्यवस्था और पारदर्शिता को लेकर सवाल उठने लगे हैं। प्रशासन का कहना है कि दोषी पाए जाने वाले किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा और परीक्षा प्रक्रिया की निष्पक्षता बनाए रखने के लिए सख्त कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल पुलिस और संबंधित जांच एजेंसियां मामले की तह तक पहुंचने का प्रयास कर रही हैं।

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