Samachar Post रिपोर्टर, रांची :रांची जिले के अनगड़ा प्रखंड में मनरेगा कार्यों को अधिक पारदर्शी और व्यवस्थित बनाने के लिए नई डिजिटल व्यवस्था लागू की जा रही है। इसी को लेकर शुक्रवार को प्रखंड सभागार में मनरेगा विभाग की ओर से एक दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया गया। प्रशिक्षण में मनरेगा मेट, पंचायत सचिव, डिजिटल कर्मियों और लाभार्थियों ने हिस्सा लिया।
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एनएमएमएस और ई-केवाईसी की दी गई जानकारी
प्रशिक्षण कार्यक्रम में प्रखंड विकास पदाधिकारी जयपाल सोय और बीपीओ अवनीन्द्र कुमार ने राष्ट्रीय मोबाइल निगरानी प्रणाली (NMMS), ई-केवाईसी और जन-मनरेगा ऐप के बारे में विस्तार से जानकारी दी। अधिकारियों ने बताया कि इन डिजिटल प्रणालियों के जरिए मनरेगा कार्यों की निगरानी पहले से अधिक आसान और पारदर्शी होगी।
अब ऑनलाइन दर्ज होगी मजदूरों की उपस्थिति
बीडीओ जयपाल सोय ने बताया कि अब एनएमएमएस सिस्टम के माध्यम से मजदूरों की हाजिरी ऑनलाइन दर्ज की जाएगी। इसके तहत कार्यस्थल पर काम कर रहे मजदूरों की दो अलग-अलग पालियों में फोटो अपलोड करनी होगी। यानी अब सिर्फ कागजी मास्टररोल के आधार पर उपस्थिति नहीं मानी जाएगी, बल्कि मौके पर मौजूद मजदूरों की तस्वीर के जरिए सत्यापन होगा। इस नई व्यवस्था से फर्जी हाजिरी और अनियमितताओं पर रोक लगाने में मदद मिलेगी। साथ ही मनरेगा योजनाओं की मॉनिटरिंग और ज्यादा मजबूत होगी।
ग्रामीण योजनाओं में बढ़ेगी पारदर्शिता
अधिकारियों के मुताबिक डिजिटल तकनीक लागू होने से मनरेगा कार्यों की गुणवत्ता पर निगरानी रखना आसान होगा। सरकार ग्रामीण क्षेत्रों में योजनाओं को प्रभावी ढंग से लागू करने के लिए लगातार डिजिटल सिस्टम को बढ़ावा दे रही है।
‘विकसित भारत’ मिशन की भी दी गई जानकारी
प्रशिक्षण कार्यक्रम के दौरान भारत सरकार की आगामी योजना ‘विकसित भारत–रोजगार एवं आजीविका मिशन (ग्रामीण)’ यानी VB-GRAMJI की भी जानकारी दी गई। अधिकारियों ने बताया कि इस योजना का उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार और आजीविका के अवसरों को मजबूत करना है। इस मौके पर सहायक अभियंता दुक्खू राम सोरेन, कनीय अभियंता गौतम कुमार, विश्वजीत यादव समेत कई अधिकारी और कर्मचारी मौजूद रहे।
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