गढ़वा में शिक्षा व्यवस्था पर प्रशासन सख्त, औचक निरीक्षण में कई शिक्षक मिले गायब

Rupa Kumari | May 14, 2026 | 01:29 PM IST

Samachar Post रिपोर्टर,गढ़वा : झारखंड के गढ़वा जिले में सरकारी स्कूलों की शिक्षा व्यवस्था सुधारने के लिए जिला प्रशासन ने बड़ा अभियान शुरू किया है। डीसी सह जिला दंडाधिकारी अनन्य मित्तल के निर्देश पर जिले के 67 प्राथमिक, मध्य और उच्च विद्यालयों में एक साथ औचक निरीक्षण किया गया। यह जांच अभियान जिला शिक्षा पदाधिकारी कैसर रजा और जिला शिक्षा अधीक्षक अनुराग मिंज के नेतृत्व में चलाया गया। एक साथ इतने बड़े स्तर पर हुई कार्रवाई से शिक्षा विभाग में हड़कंप मच गया।

कई स्कूलों में शिक्षक मिले अनुपस्थित

निरीक्षण के दौरान कई स्कूलों में शिक्षक बिना सूचना के गायब पाए गए। वहीं कुछ जगह स्कूल बंद मिले। अधिकारियों ने इसे गंभीर लापरवाही मानते हुए संबंधित शिक्षकों और जिम्मेदार अधिकारियों से जवाब तलब किया है। प्रशासन ने साफ कहा है कि बच्चों की पढ़ाई के साथ लापरवाही अब किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

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रंका प्रखंड में कार्रवाई के निर्देश

जिला शिक्षा पदाधिकारी कैसर रजा ने रंका प्रखंड के कई स्कूलों का निरीक्षण किया। इस दौरान राजकीयकृत प्लस टू उच्च विद्यालय और नेताजी सुभाष चंद्र बोस विद्यालय में कई शिक्षक अनुपस्थित पाए गए। मामले को गंभीर मानते हुए अधिकारियों ने तत्काल स्पष्टीकरण मांगा और विभागीय कार्रवाई की प्रक्रिया शुरू कर दी। जिला शिक्षा अधीक्षक अनुराग मिंज जब मेराल प्रखंड के कोलोदोहर प्राथमिक विद्यालय पहुंचे, तो वहां स्कूल बंद मिला। स्कूल में ताला लटका देखकर अधिकारी भी हैरान रह गए। प्रशासन ने इस मामले में संबंधित कर्मियों से जवाब मांगा है और इसे गंभीर लापरवाही बताया है।

कस्तूरबा विद्यालयों की भी हुई जांच

औचक निरीक्षण के दौरान जिले के कस्तूरबा गांधी आवासीय बालिका विद्यालयों की भी जांच की गई। यहां छात्राओं के भोजन, सुरक्षा, रहने की व्यवस्था और साफ-सफाई का निरीक्षण किया गया। कुछ विद्यालयों की व्यवस्था संतोषजनक मिली, जबकि कई जगह पढ़ाई और स्वच्छता की स्थिति कमजोर पाई गई। निरीक्षण के दौरान अधिकारियों ने शिक्षकों को स्पष्ट संदेश दिया कि सिर्फ स्कूल पहुंचकर उपस्थिति दर्ज कराना काफी नहीं है। गुणवत्तापूर्ण शिक्षा और नियमित पढ़ाई सुनिश्चित करना भी जरूरी है। जिला प्रशासन ने कहा है कि आने वाले दिनों में ऐसे औचक निरीक्षण और तेज किए जाएंगे ताकि सरकारी स्कूलों की व्यवस्था में सुधार लाया जा सके।

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