बेगूसराय में गंगा का जलस्तर HFL के करीब, 3 लाख से ज्यादा लोग बाढ़ से प्रभावित; कई घरों में घुसा पानी

Samachar Post रिपोर्टर, बिहार : गंगा के बढ़ते जलस्तर ने बिहार के बेगूसराय जिले में दियारा क्षेत्र के लोगों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। नदी का जलस्तर खतरे के सबसे ऊंचे स्तर (HFL) के करीब पहुंच गया है। इसके चलते जिले के दियारा इलाकों में रहने वाले 3 लाख से अधिक लोग बाढ़ से प्रभावित बताए जा रहे हैं। कई घरों में बाढ़ का पानी घुस गया है और राहत एवं बचाव अभियान शुरू कर दिया गया है। जिलाधिकारी रिची पांडे के अनुसार, रविवार दोपहर गंगा का जलस्तर 43.51 मीटर दर्ज किया गया, जबकि नदी का उच्चतम बाढ़ स्तर (HFL) 43.52 मीटर है। यानी जलस्तर HFL से महज एक सेंटीमीटर नीचे है।

37 पंचायत और 2 वार्ड बाढ़ की चपेट में

प्रशासन के मुताबिक, बेगूसराय क्षेत्र की 37 पंचायत और दो वार्ड बाढ़ के पानी से प्रभावित हैं। कई इलाकों में पानी घरों तक पहुंच गया है, जिससे लोगों को आवागमन और रोजमर्रा के कामकाज में परेशानी हो रही है। प्रशासन ने प्रभावित इलाकों में राहत एवं बचाव कार्य तेज कर दिया है। स्थिति को देखते हुए सबसे ज्यादा प्रभावित क्षेत्रों में अतिरिक्त संसाधन और राहत व्यवस्था उपलब्ध कराई जा रही है।

85 कम्युनिटी किचन शुरू, 25 हजार से ज्यादा लोगों को भोजन

जिलाधिकारी रिची पांडे ने बताया कि रविवार सुबह तक विभिन्न पंचायतों में 85 कम्युनिटी किचन शुरू किए जा चुके थे। इन रसोई के माध्यम से बाढ़ प्रभावित 25 हजार से अधिक लोगों को पका हुआ भोजन उपलब्ध कराया गया। उन्होंने कहा कि जिन इलाकों में बाढ़ का असर बढ़ रहा है, वहां जरूरत के अनुसार और कम्युनिटी किचन शुरू किए जाएंगे।

बछवाड़ा, तेघड़ा, मटिहानी और शाम्हो में NDRF-SDRF तैनात

बाढ़ से सबसे अधिक प्रभावित माने जा रहे बछवाड़ा, तेघड़ा, मटिहानी और शाम्हो प्रखंडों में NDRF और SDRF की अलग-अलग टीमें तैनात की गई हैं। प्रशासन की ओर से लोगों को सुरक्षित स्थानों तक पहुंचाने और बाढ़ के बीच जरूरी सामान उपलब्ध कराने के लिए नावों का भी इस्तेमाल किया जा रहा है। बाढ़ प्रभावित इलाकों में आवाजाही और लोगों के रेस्क्यू के लिए कुल 223 नावें लगाई गई हैं। इनमें 13 सरकारी नावें शामिल हैं। इन नावों के जरिए लोगों को उनके घरों से निकालने, सुरक्षित स्थानों तक पहुंचाने और आवश्यक सामग्री पहुंचाने का काम किया जा रहा है।

यह भी पढ़ें : कोडरमा में वन क्षेत्र और बिरहोर बस्ती के पास हॉट मिक्स प्लांट, ग्रामीणों ने उठाए प्रदूषण पर सवाल

गर्भवती महिलाओं के लिए विशेष व्यवस्था

बाढ़ प्रभावित इलाकों में गर्भवती महिलाओं को किसी तरह की परेशानी न हो, इसके लिए स्वास्थ्य विभाग को ICDS के साथ समन्वय कर काम करने का निर्देश दिया गया है। प्रशासन का फोकस प्रभावित लोगों तक भोजन, स्वास्थ्य सुविधा, सुरक्षित आवागमन और बचाव सेवाएं पहुंचाने पर है। लगातार बढ़ रहे गंगा के जलस्तर के बीच प्रशासन हालात पर नजर बनाए हुए है।

Share this news

संबंधित खबरें