Samachar Post रिपोर्टर, रांची : राजधानी में निकाय चुनाव को लेकर सियासी पारा चढ़ा हुआ है। प्रत्याशी एक-दूसरे पर आरोप-प्रत्यारोप में व्यस्त हैं, लेकिन इस माहौल के बीच वार्ड–27 के पूर्व पार्षद ओम प्रकाश अपनी अलग पहचान बनाए हुए हैं। वे प्रचार से ज्यादा काम पर भरोसा करते हैं और यही उनकी सबसे बड़ी ताकत मानी जा रही है।
अपने वार्ड से आगे बढ़कर सेवा
ओम प्रकाश की खासियत यह है कि वे सिर्फ अपने वार्ड तक सीमित नहीं रहते। नगर निगम क्षेत्र के अन्य वार्डों में भी जरूरतमंद लोगों की मदद के लिए आगे आते हैं। बुनियादी समस्याओं का समाधान हो या छोटे स्तर के विकास कार्य वे बिना किसी दिखावे के पहल करते हैं।
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नाम जैसा काम
उनके समर्थक कहते हैं कि ‘ओम’ यानी ऊर्जा और ‘प्रकाश’ यानी उजाला और वे अपने काम में इसी ऊर्जा और उजाले का परिचय देते हैं। सड़क, पानी, बिजली जैसी मूलभूत सुविधाओं के साथ-साथ गरीब और जरूरतमंद परिवारों तक सहायता पहुंचाना उनकी प्राथमिकता में शामिल है।

लोगों का भरोसा
वार्ड–27 के निवासी बताते हैं कि ओम प्रकाश बोलने से ज्यादा करने में विश्वास रखते हैं। उनकी कार्यशैली में सादगी और समर्पण साफ नजर आता है। यही कारण है कि स्थानीय लोगों के बीच उनकी छवि एक मेहनती और खुले दिल वाले जनप्रतिनिधि की बनी हुई है। निकाय चुनाव के इस गर्म माहौल में ओम प्रकाश का यह शांत और सेवा-आधारित दृष्टिकोण उन्हें अन्य प्रत्याशियों से अलग पहचान दिला रहा है।

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मैंने सेंट्रल यूनिवर्सिटी ऑफ झारखंड से पत्रकारिता में पोस्ट ग्रेजुएशन की डिग्री ली है। पत्रकारिता के क्षेत्र में बतौर रिपोर्टर मेरा अनुभव फिलहाल एक साल से कम है। सामाचार पोस्ट मीडिया के साथ जुड़कर स्टाफ रिपोर्टर के रूप में काम कर रही हूं।

