Samachar Post रिपोर्टर,पटना : बिहार बंद के दौरान हुई हिंसा के मामले में जनशक्ति जनता दल के प्रमुख तेज प्रताप यादव को कोर्ट ने 14 दिनों की न्यायिक हिरासत में भेज दिया है। शनिवार देर रात उन्हें नौबतपुर थाने से ड्यूटी मजिस्ट्रेट के समक्ष पेश किया गया, जहां से अदालत के आदेश पर बेऊर जेल भेज दिया गया। पुलिस ने उन्हें दंगा फैलाने के आरोप में गिरफ्तार किया है। मामले में न्यायिक प्रक्रिया जारी है।
यह भी पढ़ें : पटना में ट्रैक्टर चालक की गोली मारकर हत्या, परिजनों ने चचेरे भाइयों पर लगाया हत्या का आरोप
बिहार बंद प्रदर्शन के दौरान हिरासत में लिए गए
जानकारी के अनुसार, शनिवार को बिहार बंद के दौरान तेज प्रताप यादव छात्र संगठनों के प्रदर्शन में शामिल हुए थे। इस दौरान गांधी मैदान और आसपास के इलाकों में प्रदर्शनकारियों तथा पुलिस के बीच झड़प, पथराव और लाठीचार्ज की घटनाएं हुईं। घटना के बाद पुलिस ने तेज प्रताप यादव को हिरासत में लिया। इस दौरान उन्होंने कहा कि वह छात्रों के साथ हैं और उनके अधिकारों के समर्थन में खड़े हैं। पुलिस के अनुसार, बाद में तेज प्रताप यादव को पटना के सिटी सेंटर मॉल क्षेत्र से दोबारा हिरासत में लेकर नौबतपुर थाना ले जाया गया। मेडिकल जांच के बाद उन्हें ड्यूटी मजिस्ट्रेट के समक्ष पेश किया गया, जहां से अदालत ने उन्हें 14 दिनों की न्यायिक हिरासत में भेज दिया। शनिवार देर रात करीब सवा 12 बजे उन्हें बेऊर जेल पहुंचाया गया।

बिहार बंद हिंसा में 423 लोग हिरासत में
पटना के एसएसपी कार्तिकेय शर्मा ने बताया कि तेज प्रताप यादव को दंगा फैलाने के आरोप में गिरफ्तार किया गया है। वहीं, बिहार पुलिस मुख्यालय के अनुसार बिहार बंद हिंसा मामले में अब तक 423 लोगों को हिरासत में लिया गया है। पुलिस का कहना है कि सभी हिरासत में लिए गए लोगों की भूमिका की जांच की जा रही है और साक्ष्यों के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
प्रदर्शन के दौरान कई लोग घायल
बिहार बंद के दौरान हुई झड़प में कई छात्र और पुलिसकर्मी घायल हुए। पुलिस के अनुसार, घायलों में थाना प्रभारी अखिलेश मिश्रा, टीओपी प्रभारी प्रमोद कुमार सहित अन्य पुलिसकर्मी भी शामिल हैं। मामले की जांच जारी है और आरोपों पर अंतिम निष्कर्ष न्यायिक प्रक्रिया के बाद ही सामने आएगा।

Reporter | Samachar Post

