मौसमक्रिकेटहेल्थक्राइमस्पोर्ट्सबॉलीवुडएजुकेशनबिजनेसलाइफस्टाइलदेशविदेश

छात्र प्रतिनिधिमंडल पर मंत्री सुदिव्य सोनू का बयान, बोले- आंदोलन को हाईजैक न करें राजनीतिक दल और कोचिंग माफिया

--Advertisment--

  • सरकार छात्रों से सीधे करेगी बातचीत, डेलिगेशन को राजनीतिक प्रभाव से दूर रखने की अपील

Samachar Post रिपोर्टर, रांची : झारखंड में भर्ती परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं और पेपर लीक के मुद्दे पर जारी छात्र आंदोलन के बीच राज्य के मंत्री सुदिव्य सोनू ने छात्र प्रतिनिधिमंडल (डेलिगेशन) को लेकर बड़ा बयान दिया है। उन्होंने कहा कि सरकार छात्रों की बात सुनने और उनसे सीधे संवाद करने के लिए तैयार है, लेकिन छात्र आंदोलन में राजनीतिक हस्तक्षेप नहीं होना चाहिए। मंत्री ने कहा कि सरकार की ओर से छात्रों के साथ ही वार्ता की जाएगी और छात्र प्रतिनिधिमंडल में राजनीति से जुड़े लोगों को शामिल करने से बचना चाहिए। उन्होंने आरोप लगाया कि कुछ राजनीतिक दल और कोचिंग संस्थानों से जुड़े लोग आंदोलन को प्रभावित करने की कोशिश कर रहे हैं।

BJP नेताओं और कोचिंग माफिया पर लगाए आरोप

सुदिव्य सोनू ने कहा कि यदि कोचिंग माफिया और भाजपा के नेता छात्र आंदोलन को अपने हितों के लिए इस्तेमाल करने की कोशिश करते हैं और प्रतिनिधिमंडल का हिस्सा बनते हैं, तो यह उचित नहीं होगा। उन्होंने छात्रों से आग्रह किया कि वे अपने आंदोलन को छात्रों के मुद्दों तक सीमित रखें और अपनी मांगें सीधे सरकार के समक्ष रखें।

बाबूलाल मरांडी पर साधा निशाना

मंत्री ने नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी पर भी निशाना साधा। उन्होंने कहा कि बाबूलाल मरांडी को पर्दे के पीछे से राजनीति करने के बजाय खुलकर अपनी भूमिका निभानी चाहिए। तंज कसते हुए उन्होंने कहा कि यदि किसी प्रतिनिधि को भेजना ही था, तो वे किसी और का नाम आगे बढ़ाने के बजाय स्वयं सामने आते। सुदिव्य सोनू ने दिल्ली के जंतर-मंतर पर हुए छात्र आंदोलनों का उदाहरण देते हुए कहा कि ऐसे आंदोलनों में छात्र चेहरे सामने होते हैं, न कि बड़े राजनीतिक नेता। उन्होंने कहा कि आंदोलन का केंद्र छात्रों की समस्याएं और उनकी मांगें होनी चाहिए, ताकि उसका उद्देश्य स्पष्ट बना रहे।

यह भी पढ़ें : छात्र आंदोलन को लेकर रांची में हाई अलर्ट, विधानसभा मार्च के लिए 6 IPS समेत 1,000 से अधिक पुलिसकर्मी तैनात

वार्ता से पहले तेज हुई राजनीतिक बयानबाजी

सरकार और छात्र संगठनों के बीच संभावित वार्ता को लेकर राजनीतिक बयानबाजी भी तेज हो गई है। छात्र प्रतिनिधिमंडल में कौन शामिल होगा और बातचीत किस स्वरूप में होगी, इसे लेकर विभिन्न पक्षों की ओर से लगातार प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं। ऐसे में आगामी दिनों में छात्र आंदोलन और सरकार के बीच होने वाली बातचीत पर सभी की नजरें टिकी हुई हैं।

Rupa Kumari

Reporter | Samachar Postमैंने सेंट्रल यूनिवर्सिटी ऑफ झारखंड से पत्रकारिता में पोस्ट ग्रेजुएशन की डिग्री ली है। पत्रकारिता के क्षेत्र में बतौर रिपोर्टर मेरा अनुभव फिलहाल एक साल से कम है। सामाचार पोस्ट मीडिया के साथ जुड़कर स्टाफ रिपोर्टर के रूप में काम कर रही हूं।See Profile

Join WhatsApp

Join Now

Join Telegram

Join Now

Leave a Comment