छात्र आंदोलन को लेकर रांची में हाई अलर्ट, विधानसभा मार्च के लिए 6 IPS समेत 1,000 से अधिक पुलिसकर्मी तैनात

Rupa Kumari | August 7, 2026 | 11:33 AM IST
  • विधानसभा सत्र के बीच सुरक्षा व्यवस्था कड़ी, बिरसा चौक से निकलेगा मार्च

Samachar Post रिपोर्टर, रांची : कथित पेपर लीक और भर्ती परीक्षाओं में अनियमितताओं के खिलाफ जारी छात्र आंदोलन को देखते हुए राजधानी रांची में सुरक्षा व्यवस्था और सख्त कर दी गई है। झारखंड विधानसभा के मानसून सत्र के दौरान किसी भी अप्रिय स्थिति से निपटने के लिए पुलिस प्रशासन ने व्यापक तैयारियां की हैं। शुक्रवार (7 अगस्त) को आइसा (AISA) की ओर से प्रस्तावित विधानसभा मार्च के मद्देनजर शहर में तीन स्तरीय सुरक्षा व्यवस्था लागू की गई है। जानकारी के अनुसार, आइसा द्वारा आयोजित विधानसभा मार्च दोपहर करीब 2 बजे बिरसा चौक से शुरू होगा। वहीं आंदोलनरत छात्रों ने 10 अगस्त को विधानसभा घेराव का भी ऐलान किया है। इन कार्यक्रमों को देखते हुए पुलिस प्रशासन पूरी तरह सतर्क है और सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत किया गया है।

6 IPS अधिकारियों की निगरानी में सुरक्षा व्यवस्था

रांची के वरीय पुलिस अधीक्षक (SSP) राकेश रंजन के नेतृत्व में सुरक्षा व्यवस्था की निगरानी की जा रही है। विधानसभा परिसर और मार्च के रूट पर 4 आईपीएस अधिकारियों के साथ 2 अतिरिक्त आईपीएस अधिकारियों की तैनाती की गई है। इसके अलावा 15 डीएसपी, 30 इंस्पेक्टर, 100 दारोगा और करीब 1,000 पुलिसकर्मियों को सुरक्षा व्यवस्था में लगाया गया है। पुलिस बल की तैनाती जगन्नाथपुर मंदिर से लेकर विधानसभा परिसर तक पूरे मार्ग पर रहेगी, ताकि मार्च के दौरान कानून-व्यवस्था बनी रहे और किसी भी तरह की अव्यवस्था को रोका जा सके।

सीसीटीवी कैमरों से रखी जा रही निगरानी

विधानसभा परिसर और आसपास के संवेदनशील क्षेत्रों में व्यापक निगरानी व्यवस्था की गई है। सुरक्षा एजेंसियां बड़ी संख्या में लगाए गए सीसीटीवी कैमरों के जरिए गतिविधियों पर नजर रख रही हैं। इसके अलावा किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए अतिरिक्त पुलिस बल और आवश्यक संसाधनों की भी व्यवस्था की गई है।

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आंदोलन की हर गतिविधि पर रहेगी नजर

पुलिस अधिकारियों के अनुसार सुरक्षा संबंधी सभी तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। मार्च और आंदोलन से जुड़ी गतिविधियों की लगातार मॉनिटरिंग की जाएगी। प्रशासन का उद्देश्य शांतिपूर्ण ढंग से कार्यक्रम संपन्न कराना और किसी भी अप्रिय घटना की आशंका को रोकना है। छात्र संगठनों द्वारा भर्ती परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं और पेपर लीक मामलों को लेकर चलाया जा रहा आंदोलन इन दिनों राज्य की राजनीति और प्रशासनिक हलकों में चर्चा का विषय बना हुआ है। ऐसे में विधानसभा सत्र के दौरान सुरक्षा व्यवस्था को लेकर प्रशासन विशेष सतर्कता बरत रहा है।

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