ग्रामीण विकास पर मंत्री शिल्पी नेहा तिर्की का जोर, बोलीं- गांव की जरूरतों के अनुरूप बनें विकास योजनाएं

Meenu | August 6, 2026 | 04:30 PM IST

Samachar Post रिपोर्टर,रांची : एक्सआईएसएस (XISS) और टीआरआई (TRI) की ओर से आयोजित ‘इंडिया रूरल कोलोक्वी 2026’ में कृषि, पशुपालन एवं सहकारिता मंत्री शिल्पी नेहा तिर्की मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुईं। इस दौरान उन्होंने कहा कि ग्रामीण विकास तभी सफल होगा, जब योजनाएं गांवों की वास्तविक जरूरतों और स्थानीय लोगों की भागीदारी को ध्यान में रखकर तैयार की जाएंगी।

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जनता का भरोसा ही विकास की सबसे बड़ी ताकत

मंत्री शिल्पी नेहा तिर्की ने कहा कि किसी भी विकास योजना की सफलता का आधार लोगों का विश्वास होता है। यदि योजनाएं स्थानीय समस्याओं और परिस्थितियों को ध्यान में रखकर बनाई जाएंगी, तभी उनका प्रभाव धरातल पर दिखाई देगा। उन्होंने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों की आवश्यकताएं शहरी इलाकों से अलग होती हैं, इसलिए योजनाओं का निर्माण भी स्थानीय जरूरतों के अनुरूप होना चाहिए। मंत्री ने कहा कि आज भी ग्रामीण और शहरी विकास के बीच स्पष्ट अंतर दिखाई देता है। शहरों में विकास कार्य अपेक्षाकृत योजनाबद्ध तरीके से होते हैं, जबकि गांवों में कई बार समग्र योजना के अभाव में विकास कार्य बिखरे हुए नजर आते हैं। उन्होंने इस अंतर को दूर करने के लिए दीर्घकालिक योजना, बेहतर समन्वय और स्थानीय भागीदारी पर जोर दिया।

शोध संस्थानों की भूमिका अहम

शिल्पी नेहा तिर्की ने कहा कि ग्रामीण विकास केवल सरकार की जिम्मेदारी नहीं है, बल्कि इसमें विश्वविद्यालयों, शोध संस्थानों और सामाजिक संगठनों की भी महत्वपूर्ण भूमिका है। उन्होंने कहा कि ऐसे संस्थानों को गांवों में अध्ययन कर व्यावहारिक और वैज्ञानिक सुझाव सरकार तक पहुंचाने चाहिए, ताकि नीतियां अधिक प्रभावी और परिणामोन्मुख बन सकें।

सरकार और शिक्षण संस्थानों के बीच बढ़े सहयोग

मंत्री ने एक्सआईएसएस जैसे शैक्षणिक संस्थानों से सरकार और समाज के बीच ज्ञान-साझेदारी को मजबूत करने की अपील की। उन्होंने कहा कि शोध केवल पुस्तकों तक सीमित नहीं रहना चाहिए, बल्कि उसका लाभ सीधे नीति निर्माण और ग्रामीण समाज तक पहुंचना चाहिए, ताकि विकास योजनाओं का वास्तविक लाभ लोगों को मिल सके।

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