साहिबगंज में ग्रामीणों ने खुद संभाली सड़क निर्माण की जिम्मेदारी, चंदा और श्रमदान से बना रहे रास्ता

Rupa Kumari | May 20, 2026 | 12:11 PM IST

Samachar Post रिपोर्टर,साहिबगंज: साहिबगंज जिले के बोरियो प्रखंड स्थित तेलों पंचायत के तेलो मांझी टोला गांव में सड़क नहीं बनने से नाराज ग्रामीणों ने अब खुद ही मोर्चा संभाल लिया है। वर्षों से सड़क की मांग पूरी नहीं होने पर ग्रामीणों ने चंदा जुटाकर और श्रमदान के जरिए करीब एक किलोमीटर लंबी कच्ची सड़क बनाने का काम शुरू कर दिया है। ग्रामीण तेलो मांझी टोला से मोहली टोला तक सड़क निर्माण की मांग लंबे समय से कर रहे थे, लेकिन प्रशासन और जनप्रतिनिधियों की ओर से कोई ठोस पहल नहीं होने के बाद लोगों ने खुद सड़क बनाने का फैसला लिया।

बरसात में कट जाता था गांव का संपर्क

ग्रामीणों के मुताबिक दोनों टोले के बीच सड़क नहीं होने के कारण लोगों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ता था। बरसात के दिनों में पगडंडी दलदल में बदल जाती थी, जिससे गांव का संपर्क लगभग टूट जाता था। मरीजों, स्कूली बच्चों और दैनिक कामकाज के लिए आने-जाने वाले लोगों को जान जोखिम में डालकर सफर करना पड़ता था। कई बार एंबुलेंस गांव तक नहीं पहुंच पाती थी और मरीजों को खटिया पर उठाकर मुख्य सड़क तक ले जाना पड़ता था।

यह भी पढ़ें: रांची में प्रेम प्रसंग का दुखद अंत, हाईटेंशन टावर पर चढ़ युवक ने दी जान

सांसद-विधायक से लगाई गुहार, नहीं मिली मदद

ग्रामीणों का कहना है कि सड़क निर्माण के लिए उन्होंने कई बार सांसद, विधायक, पूर्व विधायक और संबंधित विभागों को आवेदन देकर समस्या बताई, लेकिन हर बार सिर्फ आश्वासन मिला। ग्रामीण बरसात अंसारी ने कहा कि चुनाव के समय नेता बड़े-बड़े वादे करते हैं, लेकिन चुनाव खत्म होते ही गांव की समस्याएं भूल जाते हैं। उन्होंने बताया कि वर्षों तक इंतजार के बाद जब कोई समाधान नहीं निकला तो गांव वालों ने खुद सड़क निर्माण शुरू करने का निर्णय लिया।

गांव वालों ने जुटाए 5 लाख रुपये

सुबह से ही ग्रामीण एकजुट होकर जेसीबी और ट्रैक्टर की मदद से मिट्टी सोलिंग का काम कर रहे हैं। कोई फावड़ा चला रहा है तो कोई मिट्टी ढोने में जुटा है। ग्रामीणों ने आपस में चंदा इकट्ठा कर सड़क को चलने लायक बनाने की कोशिश शुरू कर दी है। माले नेता कसतूर अंसारी ने बताया कि दोनों टोले में करीब 350 परिवार रहते हैं और अधिकांश लोग खेती तथा मजदूरी पर निर्भर हैं। सड़क नहीं होने से बच्चों की पढ़ाई, इलाज और रोजगार पर असर पड़ रहा है। वहीं ग्रामीण शमशेर अंसारी ने बताया कि गांव वालों ने मिलकर करीब 5 लाख रुपये जुटाए हैं, जिससे फिलहाल कच्ची सड़क बनाई जा रही है। हालांकि ग्रामीणों ने प्रशासन और जनप्रतिनिधियों से जल्द पक्की सड़क निर्माण कराने की मांग भी की है, ताकि वर्षों पुरानी समस्या का स्थायी समाधान हो सके।

Share this news

संबंधित खबरें