Samachar Post रिपोर्टर,रांची : रांची विश्वविद्यालय में PG सत्र 2025-27 की कक्षाएं 20 जुलाई से शुरू होने जा रही हैं, लेकिन इस बार स्नातकोत्तर (PG) विभागों में नामांकन के आंकड़ों ने विश्वविद्यालय प्रशासन की चिंता बढ़ा दी है। कुल 30 PG विभागों में 1,462 अभ्यर्थियों ने आवेदन कर शुल्क जमा किया था, लेकिन अंतिम रूप से सिर्फ 628 विद्यार्थियों ने ही नामांकन कराया। यानी आधे से भी कम अभ्यर्थियों ने प्रवेश प्रक्रिया पूरी की।
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आवेदन ज्यादा, नामांकन कम
विश्वविद्यालय के आंकड़ों के अनुसार बड़ी संख्या में छात्रों ने आवेदन तो किया, लेकिन अंतिम चरण तक पहुंचते-पहुंचते अधिकांश विद्यार्थियों ने दाखिला नहीं लिया। इससे कई विभागों में सीटें खाली रहने की स्थिति बन गई है। 20 जुलाई से कक्षाएं शुरू होने के बावजूद कम नामांकन को लेकर विश्वविद्यालय प्रशासन संभावित कारणों का आकलन कर रहा है। इस बार अंग्रेजी विभाग सबसे आगे रहा, जहां 61 छात्रों ने नामांकन कराया। इसके बाद गणित 51, भूगोल 41, कॉमर्स 41, हिंदी 41, जंतु विज्ञान 33, अर्थशास्त्र 30, इतिहास 29, मनोविज्ञान 28, भौतिकी 27, नागपुरी 27। इन विभागों में अपेक्षाकृत बेहतर संख्या में विद्यार्थियों ने प्रवेश लिया। कुछ विभागों में नामांकन की स्थिति बेहद चिंताजनक रही। खड़िया 1 छात्र, समाजशास्त्र 2 छात्र, कुरमाली 3 छात्र, पंचपरगनिया 4 छात्र, दर्शनशास्त्र 4 छात्र, बांग्ला 7 छात्र, भूगर्भशास्त्र 7 छात्र, संस्कृत 8 छात्र। इन विभागों में छात्रों की बेहद कम संख्या भविष्य में विभागों के संचालन और संसाधनों के उपयोग को लेकर सवाल खड़े कर रही है।

विश्वविद्यालय के सामने नई चुनौती
कम नामांकन ने रांची विश्वविद्यालय के लिए उच्च शिक्षा में छात्रों की घटती रुचि, विषय चयन की बदलती प्रवृत्ति और प्रतिस्पर्धी शिक्षण संस्थानों की ओर छात्रों के रुझान जैसे मुद्दों को सामने ला दिया है। आने वाले समय में विश्वविद्यालय को छात्रों को आकर्षित करने के लिए नए शैक्षणिक और अकादमिक कदम उठाने पड़ सकते हैं।

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