Samachar Post रिपोर्टर,रांची : झारखंड के सरकारी प्राथमिक और मध्य विद्यालयों में नियुक्त हजारों नवनियुक्त सहायक आचार्यों के लिए राहत भरी खबर है। प्राथमिक शिक्षा निदेशालय ने वित्तीय वर्ष 2025-26 के लंबित वेतन भुगतान में आ रही तकनीकी बाधा को दूर कर दिया है। विभाग ने इस संबंध में सभी जिला शिक्षा पदाधिकारियों (DEO) को स्पष्ट निर्देश जारी कर दिए हैं, जिससे बकाया वेतन के भुगतान का रास्ता साफ हो गया है।
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तकनीकी शर्त के कारण अटका था वेतन
विभाग के अनुसार, पहले जारी किए गए आवंटन आदेश की एक शर्त के कारण नवनियुक्त सहायक आचार्यों के वेतन भुगतान में दिक्कत आ रही थी। यह शर्त 15 नवंबर 2000 से पहले की नियुक्तियों और पुराने बकाया वेतन से संबंधित थी, जिससे जिला स्तर पर भ्रम की स्थिति बन गई थी। मामले की गंभीरता को देखते हुए विभागीय सचिव ने इसकी लगातार समीक्षा की। इसके बाद स्पष्ट किया गया कि यह पुरानी शर्त नवनियुक्त सहायक आचार्यों पर लागू नहीं होगी, जिससे उनके वेतन भुगतान में आ रही बाधा समाप्त हो गई है।

अब जल्द होगा बकाया वेतन का भुगतान
निदेशालय ने निर्देश दिया है कि नवनियुक्त सहायक आचार्यों को वित्तीय वर्ष 2025-26 का बकाया वेतन तत्काल प्रभाव से भुगतान किया जाए। इसके लिए पहले से आवंटित राशि का ही उपयोग किया जाएगा। साथ ही निकासी एवं व्ययन पदाधिकारियों (DDO) को निर्देश दिया गया है कि वे भुगतान प्रक्रिया में किसी प्रकार की देरी या अन्य बाधा न आने दें और विभागीय दिशा-निर्देशों का पूरी तरह पालन सुनिश्चित करें।
हजारों शिक्षकों को मिलेगा लाभ
इस निर्णय से राज्यभर के हजारों नवनियुक्त सहायक आचार्यों को राहत मिलने की उम्मीद है। लंबे समय से बकाया वेतन का इंतजार कर रहे शिक्षकों को अब जल्द भुगतान मिलने की संभावना है, जिससे उनकी आर्थिक परेशानियां भी कम होंगी।

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