- रांची SSP ने पुलिसिंग में सुधार, नियमित पेट्रोलिंग बढ़ाने और खुले में शराबखोरी व अड्डेबाजी पर रोक लगाने के निर्देश दिए। संज्ञेय अपराध की सूचना मिलने पर FIR दर्ज करना पुलिस का कर्तव्य बताया।
Samachar Post रिपोर्टर, रांची : राजधानी रांची के सुखदेवनगर थाना में आयोजित जन शिकायत समाधान कार्यक्रम में SSP पहुंचे और आम लोगों से सीधे बातचीत कर उनकी समस्याएं सुनीं। इस दौरान लोगों ने छोटी-मोटी आपराधिक घटनाओं, अड्डेबाजी, खुले में शराबखोरी और नशे के बढ़ते प्रभाव से जुड़ी शिकायतें रखीं। कुछ लोगों ने पुलिस कार्रवाई के बावजूद जमीनी स्तर पर अपेक्षित सुधार नहीं होने की बात भी कही। शिकायतों पर संज्ञान लेते हुए SSP ने एक मामले में FIR दर्ज करने का निर्देश दिया और थाना क्षेत्र में पुलिसिंग मजबूत करने को कहा।
छोटी आपराधिक घटनाओं पर रोक लगाने का निर्देश
SSP ने बताया कि पूरे रांची जिले के थानों में जन शिकायत समाधान कार्यक्रम आयोजित किया जा रहा है। इसी क्रम में वह सुखदेवनगर थाना पहुंचे थे। यहां लोगों ने पुराने मामलों में कार्रवाई नहीं होने और पुलिसिंग से जुड़ी कमियों की शिकायत की। SSP ने थाना प्रभारी को नियमित पेट्रोलिंग मजबूत करने और क्षेत्र में पुलिस की सक्रियता बढ़ाने का निर्देश दिया। साथ ही ASP कोतवाली को व्यक्तिगत रूप से पुलिसिंग की निगरानी करने को कहा, ताकि छोटी आपराधिक घटनाओं पर अंकुश लगाया जा सके और लोगों में सुरक्षा की भावना मजबूत हो।

खुले में शराबखोरी और अड्डेबाजी पर होगी कार्रवाई
जन शिकायत कार्यक्रम के दौरान शराब दुकानों के आसपास खुले में शराब पीने और अनधिकृत दुकानों पर शराबखोरी की शिकायतें सामने आईं। लोगों का कहना था कि इससे आसपास रहने वाले परिवारों को परेशानी होती है। SSP ने थाना प्रभारी को ऐसे स्थानों की पहचान कर संबंधित विभाग के सहयोग से अनधिकृत दुकानों को हटवाने और अड्डेबाजी पर रोक लगाने का निर्देश दिया। मैदानों में जुटने वाले समूहों को भी चिह्नित करने की बात कही गई। निर्देश के अनुसार, ऐसे लोगों का रिकॉर्ड तैयार किया जाएगा, जिसमें उनकी पहचान, पता और आपराधिक इतिहास से संबंधित जानकारी दर्ज होगी। जरूरत पड़ने पर उनके अभिभावकों को भी जानकारी दी जाएगी।
लंबे समय से तैनात टाइगर मोबाइल जवानों में होगा बदलाव
SSP ने लंबे समय से एक ही क्षेत्र में तैनात टाइगर मोबाइल जवानों को लेकर भी बदलाव के संकेत दिए। उन्होंने कहा कि पुलिस विभाग में समय-समय पर जवानों की तैनाती बदलना सामान्य प्रक्रिया है। लंबे समय तक एक ही स्थान पर रहने से पुलिसकर्मी वहां की परिस्थितियों के अभ्यस्त हो जाते हैं। ऐसे में नए जवानों को जिम्मेदारी देने से अपराध नियंत्रण के प्रयासों को बेहतर बनाने में मदद मिल सकती है।
संज्ञेय अपराध में FIR दर्ज करना पुलिस का कर्तव्य
SSP ने स्पष्ट किया कि संज्ञेय अपराध की जानकारी मिलने पर नियमानुसार FIR दर्ज करना पुलिस का कर्तव्य है। उन्होंने लोगों से अपने अधिकारों के प्रति जागरूक रहने की अपील की। उन्होंने कहा कि यदि कोई थाना FIR दर्ज नहीं करता है, तो संबंधित व्यक्ति वरीय पुलिस अधिकारियों के पास शिकायत कर सकता है। ऐसी शिकायतों पर उचित कार्रवाई का भरोसा भी दिलाया गया। जन शिकायत समाधान कार्यक्रम के जरिए पुलिस प्रशासन ने लोगों की समस्याएं सुनने के साथ थाना स्तर पर पुलिसिंग में सुधार, नियमित गश्त और सार्वजनिक स्थानों पर होने वाली गतिविधियों पर निगरानी बढ़ाने के निर्देश दिए हैं।






















