Samachar Post रिपोर्टर, रांची : रांची के मधुकम क्षेत्र में 12 मकानों पर बुलडोजर चलाए जाने के मामले में झारखंड हाईकोर्ट ने महत्वपूर्ण फैसला सुनाया है। अदालत ने इस मामले में पहले पारित अपने आदेश को वापस लेते हुए याचिकाकर्ता महादेव उरांव पर 12 लाख रुपये का जुर्माना लगाया है। साथ ही प्रभावित सभी 12 परिवारों को 1-1 लाख रुपये मुआवजा देने का निर्देश भी दिया है। यह फैसला न्यायमूर्ति राजेश शंकर की अदालत ने सुनाया।
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महत्वपूर्ण तथ्य छिपाने पर कोर्ट की सख्त टिप्पणी
सुनवाई के दौरान हाईकोर्ट ने कहा कि याचिकाकर्ता ने अदालत से राहत प्राप्त करने के लिए मामले से जुड़े महत्वपूर्ण तथ्यों को छिपाया था। अदालत ने इसे गंभीर मानते हुए पहले जारी आदेश को वापस ले लिया और याचिकाकर्ता पर आर्थिक दंड लगाया। मामला मधुकम स्थित 47 डिसमिल जमीन के स्वामित्व विवाद से जुड़ा है। याचिकाकर्ता महादेव उरांव ने पूरी जमीन पर अपना दावा किया था। इसके बाद अदालत से मिले दखल-दिहानी आदेश के आधार पर प्रशासन ने कार्रवाई करते हुए जमीन पर बने 12 मकानों को ध्वस्त कर दिया था।

दस्तावेजों की जांच में सामने आए नए तथ्य
बुलडोजर कार्रवाई के बाद प्रभावित परिवारों ने हाईकोर्ट में जमीन से संबंधित दस्तावेज प्रस्तुत किए। अदालत के समक्ष हुई जांच में यह तथ्य सामने आया कि संबंधित लोगों ने जमीन वैध रजिस्ट्री के माध्यम से खरीदी थी। इन तथ्यों के सामने आने के बाद हाईकोर्ट ने अपने पहले के आदेश की समीक्षा की और उसे वापस लेते हुए सभी प्रभावित परिवारों को 1-1 लाख रुपये मुआवजा देने का निर्देश जारी किया।
पीड़ित परिवारों को मिली राहत
हाईकोर्ट के इस फैसले से बुलडोजर कार्रवाई से प्रभावित 12 परिवारों को बड़ी राहत मिली है। अदालत ने स्पष्ट किया कि न्यायालय के समक्ष सभी तथ्य सही और पूर्ण रूप से प्रस्तुत किए जाने चाहिए तथा तथ्यों को छिपाकर राहत प्राप्त करने की कोशिश स्वीकार नहीं की जा सकती।

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