Samachar Post रिपोर्टर, रांची : झारखंड हाईकोर्ट ने कांके थाना क्षेत्र की एक आदिवासी महिला की आपराधिक रिट याचिका पर सुनवाई करते हुए राज्य सरकार और संबंधित अधिकारियों से जवाब दाखिल करने का निर्देश दिया है। मामला कांके अंचल के मौजा हुसिर, खाता संख्या-58 और प्लॉट संख्या-381 एवं 382 की खतियानी जमीन से जुड़ा है। याचिका में जमीन पर कथित अवैध कब्जे और भू-माफियाओं के साथ स्थानीय पुलिस की कथित मिलीभगत की स्वतंत्र जांच की मांग की गई है। मामले की सुनवाई न्यायमूर्ति रंगन मुखोपाध्याय की अदालत में हुई। हाईकोर्ट ने अगली सुनवाई के लिए 19 नवंबर 2026 की तारीख तय की है।
पैतृक जमीन पर कब्जे की कोशिश का आरोप
याचिकाकर्ता सुभासो देवी की ओर से दायर याचिका में कहा गया है कि उनकी पैतृक और खतियानी जमीन पर कथित तौर पर अवैध कब्जा करने का प्रयास किया गया। याचिका में पूरे मामले में तत्कालीन कांके थाना प्रभारी प्रकाश रजक की भूमिका की भी जांच की मांग की गई है। याचिकाकर्ता का आरोप है कि मामला केवल जमीन विवाद तक सीमित नहीं है, बल्कि उनके परिवार और संपत्ति की सुरक्षा तथा पुलिस की कथित निष्क्रियता से भी जुड़ा हुआ है।
स्वतंत्र जांच और विभागीय कार्रवाई की मांग
याचिका में मांग की गई है कि जमीन पर कथित अवैध कब्जे और भू-माफियाओं तथा पुलिस अधिकारियों के बीच संभावित मिलीभगत की स्वतंत्र एवं निष्पक्ष जांच कराई जाए। साथ ही संबंधित पुलिस पदाधिकारी के खिलाफ विभागीय जांच शुरू करने और जांच के दौरान आवश्यक कार्रवाई करने का आग्रह किया गया है। याचिकाकर्ता ने अपने परिवार और संपत्ति की सुरक्षा सुनिश्चित करने तथा उनकी वैध जमीन पर किसी भी तरह के अवैध हस्तक्षेप को रोकने के लिए भी अदालत से निर्देश जारी करने की मांग की है। मामले में याचिकाकर्ता की ओर से अधिवक्ता वाजिद अली और शैयाकुर रहमान ने पक्ष रखा। फिलहाल मामले में लगाए गए आरोपों पर सरकार और संबंधित अधिकारियों का जवाब आना बाकी है।





















