भारती पाण्डेय प्रकरण: प्रशासन की कार्रवाई, DEO कार्यालय का एक लिपिक निलंबित, दूसरे का तबादला

Rupa Kumari | July 27, 2026 | 03:48 PM IST

Samachar Post रिपोर्टर, पलामू : भारती पाण्डेय से जुड़े चिकित्सीय और विभागीय मामले में प्रशासन ने कार्रवाई करते हुए जिला शिक्षा पदाधिकारी (DEO) कार्यालय के एक लिपिक को निलंबित कर दिया है, जबकि दूसरे लिपिक का प्रतिनियोजन समाप्त कर उसका तबादला कर दिया गया है। प्रशासन ने मामले से जुड़ी चिकित्सीय और विभागीय परिस्थितियों को लेकर भी अपनी स्थिति स्पष्ट की है।

एक लिपिक निलंबित, दूसरे का तबादला

प्रशासन द्वारा जारी जानकारी के अनुसार, क्षेत्रीय शिक्षा संयुक्त निदेशक, पलामू प्रमंडल, मेदिनीनगर के पत्रांक 193 दिनांक 26 जुलाई 2026 के तहत जिला शिक्षा पदाधिकारी कार्यालय के लिपिक ईश्वरी दयाल राम को निलंबित कर दिया गया है। वहीं पत्रांक 194 दिनांक 26 जुलाई 2026 के माध्यम से लिपिक अरुण कुमार गिरि का प्रतिनियोजन जिला शिक्षा पदाधिकारी, पलामू कार्यालय से समाप्त करते हुए उन्हें क्षेत्र शिक्षा पदाधिकारी, रंका (गढ़वा) कार्यालय में भेज दिया गया है।

डॉक्टर ने दो बार अस्पताल में भर्ती होने की दी थी सलाह

प्रशासन के अनुसार, 21 जुलाई 2026 को सोना नर्सिंग होम में स्त्री एवं प्रसूति रोग विशेषज्ञ डॉ. ऋषिता सिंह द्वारा जांच के दौरान भारती पाण्डेय में Leaking P/V की शिकायत पाई गई थी। चिकित्सक ने तत्काल अस्पताल में भर्ती होकर उपचार कराने की सलाह दी थी, लेकिन उन्होंने भर्ती होने से इनकार कर दिया। इसके बाद 24 जुलाई को पुनः जांच के दौरान भी डॉक्टर ने अस्पताल में भर्ती होने की सलाह दी, जिसे फिर स्वीकार नहीं किया गया। प्रशासन का कहना है कि 25 जुलाई को जब भारती पाण्डेय दोबारा नर्सिंग होम पहुंचीं, तब जांच में गर्भस्थ शिशु मृत पाया गया। इसके बाद चिकित्सकीय प्रक्रिया के तहत मृत शिशु का प्रसव कराया गया।

मातृत्व अवकाश नहीं, शिशु देखभाल अवकाश का दिया था आवेदन

विभागीय जांच में यह तथ्य भी सामने आया कि भारती पाण्डेय ने मातृत्व अवकाश (Maternity Leave) के लिए कोई आवेदन नहीं दिया था। प्रशासन के अनुसार, उन्होंने अपनी सात वर्षीय पुत्री अदिति कुमारी की देखभाल के लिए शिशु देखभाल अवकाश (Child Care Leave) का आवेदन प्रस्तुत किया था। आवेदन और शपथ पत्र के आधार पर जिला शिक्षा पदाधिकारी, पलामू ने विभागीय नियमों के अनुरूप पत्रांक 1069, दिनांक 25 जुलाई 2026 के माध्यम से 185 दिनों के शिशु देखभाल अवकाश को स्वीकृति प्रदान की थी।

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प्रशासन ने उपलब्ध तथ्यों के आधार पर कार्रवाई का दावा किया

पलामू जिला प्रशासन का कहना है कि मामले में उपलब्ध दस्तावेजों, चिकित्सीय रिपोर्टों और विभागीय तथ्यों की समीक्षा के बाद आवश्यक कार्रवाई की गई है। प्रशासन ने यह भी कहा है कि भविष्य में ऐसी परिस्थितियों की पुनरावृत्ति रोकने और प्रक्रियाओं को अधिक प्रभावी बनाने के लिए आवश्यक कदम उठाए जा रहे हैं। मामले को लेकर प्रशासनिक कार्रवाई के बाद अब विभागीय जांच और आगे की प्रक्रिया पर नजर बनी हुई है।

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