Samachar Post रिपोर्टर, रांची : झारखंड के कथित ट्रेजरी घोटाले को लेकर भाजपा ने राज्य सरकार पर गंभीर आरोप लगाए हैं। पार्टी का दावा है कि बड़े मामलों की जांच को कमजोर करने के लिए सरकार उन्हें सीआईडी (CID) को सौंप देती है और जांच को तार्किक निष्कर्ष तक नहीं पहुंचने दिया जाता। भाजपा ने मामले की निष्पक्ष जांच के लिए केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (CBI) से जांच कराने की मांग की है।
SIT की अंतिम रिपोर्ट पर उठाए सवाल
भाजपा नेताओं ने आरोप लगाया कि कथित ट्रेजरी घोटाले की जांच के लिए गठित विशेष जांच दल (SIT) अब तक अपनी अंतिम रिपोर्ट प्रस्तुत नहीं कर सका है। विपक्ष का कहना है कि जांच में देरी से कई सवाल खड़े हो रहे हैं और सरकार इस मामले में पारदर्शिता नहीं बरत रही है। पार्टी ने आरोप लगाया कि सरकार और संबंधित विभाग दोषियों को बचाने का प्रयास कर रहे हैं, जबकि मामले की सच्चाई अब तक सामने नहीं आ सकी है। भाजपा ने वित्त मंत्री के एक पुराने बयान का हवाला देते हुए कहा कि उन्होंने स्वयं स्वीकार किया था कि बड़ी राशि का हिसाब नहीं मिल रहा था। विपक्ष का सवाल है कि यदि वित्तीय अनियमितताओं की आशंका थी, तो अब तक जिम्मेदार लोगों के खिलाफ ठोस कार्रवाई क्यों नहीं हुई।
अधिकारियों की भूमिका पर भी सवाल
भाजपा ने आरोप लगाया कि जांच की निगरानी के लिए जिन अधिकारियों को जिम्मेदारी दी गई, उनकी भूमिका को लेकर भी पहले सवाल उठ चुके हैं। विपक्ष का कहना है कि कार्रवाई केवल निचले स्तर के कर्मचारियों तक सीमित दिखाई देती है, जबकि उच्च पदों पर बैठे अधिकारियों की जवाबदेही तय नहीं की गई है। पार्टी ने यह भी सवाल उठाया कि ट्रेजरी से जुड़े अधिकारियों पर अब तक क्या कार्रवाई हुई और उन्हें पद से हटाने या जांच के दायरे में लाने को लेकर क्या कदम उठाए गए।

PAG को दस्तावेज नहीं मिलने का आरोप
भाजपा का आरोप है कि प्रिंसिपल अकाउंटेंट जनरल (PAG) की ओर से कई बार संबंधित दस्तावेज मांगे गए, लेकिन उन्हें समय पर उपलब्ध नहीं कराया गया। विपक्ष का कहना है कि इससे जांच प्रक्रिया प्रभावित हो सकती है और पूरे मामले को लेकर संदेह और गहरा होता है। भाजपा ने दावा किया कि कथित घोटाले के तार अन्य राज्यों से भी जुड़े हो सकते हैं। इसी आधार पर पार्टी ने पूरे मामले की CBI जांच कराने की मांग दोहराई है। विपक्ष का कहना है कि स्वतंत्र एजेंसी द्वारा जांच होने से तथ्य सामने आएंगे और लोगों का भरोसा कायम रहेगा।
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सरकार की प्रतिक्रिया का इंतजार
फिलहाल भाजपा की ओर से लगाए गए आरोपों पर सरकार की विस्तृत प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। मामले को लेकर राजनीतिक बयानबाजी तेज हो गई है और आने वाले दिनों में यह मुद्दा राज्य की राजनीति में और गर्मा सकता है। वहीं, जांच एजेंसियों की कार्रवाई और सरकार के अगले कदमों पर सभी की नजर बनी हुई है।

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मैंने सेंट्रल यूनिवर्सिटी ऑफ झारखंड से पत्रकारिता में पोस्ट ग्रेजुएशन की डिग्री ली है। पत्रकारिता के क्षेत्र में बतौर रिपोर्टर मेरा अनुभव फिलहाल एक साल से कम है। सामाचार पोस्ट मीडिया के साथ जुड़कर स्टाफ रिपोर्टर के रूप में काम कर रही हूं।

