पाकुड़ में 17.55 लाख रुपये का धान घोटाला उजागर, लैम्प्स अध्यक्ष और सदस्य सचिव पर FIR दर्ज

Rupa Kumari | July 29, 2026 | 02:17 PM IST

Samachar Post रिपोर्टर, पाकुड़ : पाकुड़ जिले के महेशपुर प्रखंड स्थित कानीझाड़ा लैम्प्स (MPCS) में सरकारी धान खरीद से जुड़े बड़े घोटाले का मामला सामने आया है। गोदाम से 716.55 क्विंटल धान गायब मिलने के बाद सहकारिता विभाग की शिकायत पर लैम्प्स अध्यक्ष और सदस्य सचिव के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की गई है। गायब धान की अनुमानित कीमत 17.55 लाख रुपये से अधिक बताई जा रही है। जानकारी के अनुसार, खरीफ विपणन मौसम 2025-26 के दौरान कानीझाड़ा लैम्प्स द्वारा किसानों से कुल 3098.80 क्विंटल धान की अधिप्राप्ति की गई थी। इस धान को साहेबगंज जिले के बरहरवा स्थित भगवान न्यूट्रीशन फूड प्राइवेट लिमिटेड राइस मिल भेजा जाना था। झारखंड राज्य खाद्य एवं असैनिक आपूर्ति निगम और राइस मिल के उपलब्ध अभिलेखों के अनुसार गोदाम में 734.20 क्विंटल धान शेष होना चाहिए था। लेकिन 15 जुलाई 2026 को किए गए भौतिक सत्यापन के दौरान गोदाम में धान नहीं मिला। जांच में 716.55 क्विंटल धान की कमी सामने आई, जिससे विभाग में हड़कंप मच गया।

विभागीय जांच के बाद दर्ज हुई प्राथमिकी

मामले को गंभीर वित्तीय अनियमितता मानते हुए जिला आपूर्ति पदाधिकारी और जिला सहकारिता पदाधिकारी के निर्देश पर सहकारिता प्रसार पदाधिकारी नौशिक रनि हांसदा ने महेशपुर थाना में लिखित शिकायत दर्ज कराई। शिकायत के आधार पर महेशपुर थाना कांड संख्या 126/26 दर्ज किया गया है। मामले में कानीझाड़ा लैम्प्स के अध्यक्ष रूपलाल कोड़ा और सदस्य सचिव सरस्वती कोड़ा को नामजद आरोपी बनाया गया है।पुलिस ने दोनों आरोपियों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 316(2), 318(4), 316(5) और 35(5) के तहत प्राथमिकी दर्ज की है। महेशपुर थाना पुलिस के अनुसार मामले की जांच शुरू कर दी गई है। सरकारी धान और उससे जुड़ी राशि के कथित गबन के आरोपों की पड़ताल की जा रही है। जांच के दौरान संबंधित दस्तावेजों, स्टॉक रजिस्टर और परिवहन अभिलेखों की भी समीक्षा की जाएगी।

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जांच के बाद सामने आएगी पूरी सच्चाई

पुलिस और विभागीय अधिकारियों का कहना है कि मामले की विस्तृत जांच के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि धान गायब होने के पीछे किन लोगों की भूमिका रही और सरकारी संपत्ति के कथित नुकसान के लिए कौन जिम्मेदार है। फिलहाल पूरे मामले की जांच जारी है।

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