पाकुड़: आजीविका कर्मचारियों का अनिश्चितकालीन धरना दूसरे दिन जारी, राज्य सरकार पर अनदेखी का आरोप

Rupa Kumari | November 22, 2025 | 01:49 PM IST

Samachar Post रिपोर्टर, पाकुड़ : झारखंड राज्य आजीविका कर्मचारी संघ के कर्मचारियों का पाकुड़ में बाजार समिति के समीप जारी अनिश्चितकालीन धरना शनिवार को दूसरे दिन भी जारी रहा। कर्मचारियों ने राज्य सरकार पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि केंद्र सरकार ने राष्ट्रीय मिशन प्रबंधन इकाई (NMMU) के तहत उन्हें पर्याप्त सुविधाएं देने का निर्देश दिया है, लेकिन राज्य सरकार इसे लागू करने में उदासीन है। कर्मचारियों ने कहा कि समान काम के बदले समान वेतन के साथ-साथ केंद्र सरकार के कर्मचारियों जैसी सुविधाएं नहीं मिलने से उनमें भारी नाराजगी है।

“कई राज्यों में सुविधा लागू, झारखंड में नहीं”- कर्मचारी

हड़ताली कर्मचारियों ने बताया कि देश के कई राज्यों में NMMU के निर्देशों के तहत आजीविका कर्मियों को सभी सुविधाएं दी जा रही हैं, लेकिन झारखंड में बार-बार आंदोलन के बावजूद कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री ने 15 नवंबर तक उनकी मांगें पूरी करने का आश्वासन दिया था, लेकिन वादा पूरा न होने के कारण वे मजबूर होकर अनिश्चितकालीन आंदोलन पर उतर आए हैं।

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कर्मचारियों की छह सूत्री मांगें, समाहरणालय के सामने नारेबाजी

धरना स्थल पर कर्मचारियों ने छह सूत्री मांगों को लेकर जोरदार नारेबाजी की। कर्मचारी लाल बिहारी गुप्ता ने कहा, हम कई वर्षों से झारखंड राज्य आजीविका मिशन के तहत काम कर रहे हैं, लेकिन केंद्र द्वारा तय की गई सुविधाओं का पालन राज्य में नहीं हो रहा है। संघ के अध्यक्ष ने बताया कि लंबे समय से आंदोलन करने के बावजूद सरकार और प्रबंधन उनकी मांगों पर ध्यान नहीं दे रहे हैं।

अन्य राज्यों में इंक्रीमेंट, गृह जिले में पोस्टिंग लेकिन झारखंड में नहीं

कर्मचारियों ने बताया कि, अन्य राज्यों में आजीविका कर्मियों को प्रत्येक वर्ष 10% इंक्रीमेंट मिलता है, कर्मचारियों को गृह जिले में सेवा देने का प्रावधान है, केंद्र सरकार जैसी कई सुविधाएं उपलब्ध हैं। लेकिन झारखंड में इन निर्देशों का पालन नहीं किया जा रहा है। कर्मचारियों का कहना है कि सरकारी योजनाओं के क्रियान्वयन में वे पूरी ईमानदारी से लगे रहते हैं, लेकिन उनकी मांगें लगातार उपेक्षित की जा रही हैं।

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