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जामताड़ा में साइबर ठगों का नया तरीका, आंगनबाड़ी डेटा का दुरुपयोग कर गर्भवती महिलाओं को बना रहे निशाना

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Samachar Post रिपोर्टर, जामताड़ा : देश की साइबर ठगी राजधानी कहे जाने वाले जामताड़ा में साइबर अपराधियों ने ठगी का एक नया और चिंताजनक तरीका अपनाया है। इस बार ठगों के निशाने पर आंगनबाड़ी केंद्रों से जुड़ी गर्भवती महिलाएं और प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना (PMMVY) के लाभार्थी हैं। आरोप है कि साइबर अपराधियों ने लाभार्थियों की निजी जानकारी हासिल कर उन्हें सरकारी योजना के नाम पर ठगने का प्रयास किया है। मामले की जानकारी सामने आने के बाद आंगनबाड़ी सेविकाओं और प्रभावित परिवारों ने जामताड़ा साइबर थाना में लिखित शिकायत दर्ज कराई है। पुलिस पूरे मामले की जांच में जुट गई है।

अधिकारी बनकर मांगी लाभार्थियों की जानकारी

जानकारी के अनुसार जामताड़ा प्रखंड के बेवा धनबाद आंगनबाड़ी केंद्र की सेविका प्रतिमा रानी मंडल और अमलाचातर केंद्र की सेविका रीना देवी को अज्ञात नंबरों से फोन कॉल प्राप्त हुए। कॉल करने वाले व्यक्ति ने खुद को जिला प्रशासन का वरिष्ठ अधिकारी बताते हुए केंद्र से जुड़े लाभार्थियों का विस्तृत विवरण मांगा। सेविकाओं का कहना है कि फोन करने वाले ने दावा किया कि प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना के तहत लाभार्थियों के बैंक खातों में राशि भेजी जानी है, इसलिए उनकी जानकारी आवश्यक है। बातचीत के दौरान ठगों ने लाभार्थियों और उनके परिजनों को कॉन्फ्रेंस कॉल में जोड़कर भरोसा जीतने की कोशिश भी की।

योजना की राशि दिलाने के नाम पर मांगे पैसे

एक पीड़ित परिवार के अनुसार, ठगों के पास गर्भवती महिला, उसके परिवार और संबंधित आंगनबाड़ी केंद्र से जुड़ी पूरी जानकारी मौजूद थी। इस वजह से शुरुआत में उन्हें कॉल वास्तविक लगी। ठगों ने दावा किया कि योजना की राशि जारी करने की प्रक्रिया पूरी करने के लिए पहले खाते में 7,000 रुपये जमा कराने होंगे। जब परिवार के सदस्यों ने सवाल पूछना शुरू किया और व्हाट्सएप कॉल पर पहचान सत्यापित करने का प्रयास किया, तो आरोपी टालमटोल करने लगा। बाद में पूछताछ बढ़ने पर उसने अभद्र भाषा का इस्तेमाल किया और धमकी देने लगा।

डेटा सुरक्षा पर उठे सवाल

इस घटना ने आंगनबाड़ी केंद्रों और सरकारी योजनाओं से जुड़े लाभार्थियों के डेटा की सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। पीड़ितों का कहना है कि साइबर अपराधियों के पास लाभार्थियों से जुड़ी अत्यंत सटीक और संवेदनशील जानकारी थी, जिससे आशंका जताई जा रही है कि किसी स्तर पर डेटा लीक या दुरुपयोग हुआ है।

BLO के रूप में काम कर रहीं सेविकाएं भी निशाने पर

मामले का एक और चिंताजनक पहलू यह है कि वे आंगनबाड़ी सेविकाएं भी ठगों के निशाने पर हैं जो वर्तमान में विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) कार्य के तहत बीएलओ (BLO) की जिम्मेदारी निभा रही हैं। संदिग्ध कॉल मिलने के बाद सेविकाओं ने संबंधित प्रखंड अधिकारियों से संपर्क किया, जहां उन्हें बताया गया कि प्रशासन की ओर से ऐसा कोई फोन नहीं किया गया था।

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प्रशासन और पुलिस ने जारी की चेतावनी

साइबर थाना पुलिस मामले की जांच कर रही है और कॉल करने वालों की पहचान जुटाने का प्रयास कर रही है। प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि किसी भी सरकारी योजना के नाम पर फोन करने वाले अज्ञात व्यक्ति पर भरोसा न करें। किसी भी परिस्थिति में ओटीपी, बैंक खाता विवरण, आधार संबंधी जानकारी या पैसे साझा न करें। अधिकारियों ने कहा है कि सरकारी योजनाओं का लाभ प्राप्त करने के लिए लाभार्थियों से फोन पर पैसे जमा करने की मांग नहीं की जाती है। यदि कोई संदिग्ध कॉल प्राप्त हो तो इसकी तुरंत सूचना पुलिस या साइबर हेल्पलाइन को दें।

Rupa Kumari

Reporter | Samachar Postमैंने सेंट्रल यूनिवर्सिटी ऑफ झारखंड से पत्रकारिता में पोस्ट ग्रेजुएशन की डिग्री ली है। पत्रकारिता के क्षेत्र में बतौर रिपोर्टर मेरा अनुभव फिलहाल एक साल से कम है। सामाचार पोस्ट मीडिया के साथ जुड़कर स्टाफ रिपोर्टर के रूप में काम कर रही हूं।See Profile

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