लोहरदगा मॉडल महिला कॉलेज: 4 साल बाद भी अधूरी उम्मीदें, पढ़ाई नहीं हुई शुरू

Meenu | November 8, 2025 | 01:58 PM IST

Samachar Post रिपोर्टर, लोहरदगा :जनवरी 2021 में जब तत्कालीन राज्यपाल द्रौपदी मुर्मू ने लोहरदगा के बरही स्थित मॉडल महिला कॉलेज का उद्घाटन किया, तो पूरे इलाके में युवतियों के लिए उच्च शिक्षा का नया अध्याय शुरू होने की उम्मीदें थीं। लेकिन चार साल बीत जाने के बाद यह सपना अधूरा और बिखरा हुआ दिखता है।

केवल इमारत, पढ़ाई नहीं

आज यह कॉलेज सिर्फ एक ढांचा बनकर रह गया है। यहां न शिक्षक हैं, न नियमित क्लासेस, न ही कोई शैक्षणिक वातावरण। कॉलेज में करीब 800 छात्राओं का नामांकन है, लेकिन क्लासरूम में मुश्किल से दर्जनभर छात्राएं दिखती हैं।

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केवल दो अनुबंधित शिक्षक हैं

बीएस कॉलेज के प्राचार्य को प्रभारी बनाया गया, जो साल में सिर्फ 15 अगस्त और 26 जनवरी ही आते हैं। गुरुवार को कॉलेज में केवल 5 छात्राएं, 2 शिक्षिकाएं और कुछ कर्मचारी मौजूद थे।

भारी अव्यवस्था, गंदगी और उपकरण जर्जर

कॉलेज में कॉमर्स समेत 9 विषय पढ़ाए जाते हैं, लेकिन 95% छात्राएं नहीं आतीं। पीने के लिए साफ पानी नहीं भी नहीं है। शौचालय भी गंदे हैं। प्रयोगशालाओं के उपकरण कबाड़ में तब्दील हो गए हैं।

शिक्षकों की भारी कमी है- डॉ. प्रमिला उरांव

शिक्षकों की भारी कमी है। स्वच्छता, पानी और आधारभूत सुविधाओं की हालत बेहद खराब है। इन समस्याओं का तुरंत समाधान होना चाहिए।

शिक्षा व्यवस्था की विफलता का प्रतीक

रांची विश्वविद्यालय के डीएसडब्ल्यू सुदेश कुमार साहू के अनुसार, सरकार ने मॉडल महिला कॉलेजों की इमारतें तो बना दीं, लेकिन शिक्षकों की नियुक्ति नहीं की। पुराने कॉलेजों में भी कमी है, नए में कैसे व्यवस्था चलेगी? लोहरदगा का मॉडल महिला कॉलेज अब उच्च शिक्षा की टूटी उम्मीदों का प्रतीक बन चुका है। यह कहानी केवल एक कॉलेज की नहीं, बल्कि पूरे शिक्षा तंत्र की विफलता की भी है जहां इमारतें खड़ी हैं, लेकिन शिक्षा अब भी लापता है।

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