झारखंड के विद्यालयों में सामाजिक अंकेक्षण की स्थिति स्पष्ट, 2019 से 2025 तक के रिकॉर्ड शिक्षा मंत्रालय को भेजे गए

Rupa Kumari | November 8, 2025 | 01:45 PM IST
  • JEPC ने भेजी विस्तृत रिपोर्ट शिक्षा मंत्रालय को

Samachar Post रिपोर्टर, रांची : झारखंड शिक्षा परियोजना परिषद (JEPC) ने राज्य के विद्यालयों में किए गए सामाजिक अंकेक्षण (Social Audit) से जुड़ी सभी उपलब्ध रिपोर्टें शिक्षा मंत्रालय, भारत सरकार को भेज दी हैं। मंत्रालय ने वित्तीय वर्ष 2019–20 से 2024–25 तक के अद्यतन विवरण की मांग की थी, जिसके बाद यह कार्रवाई की गई। राष्ट्रीय परियोजना निदेशालय की ओर से प्राप्त पत्र के अनुसार, उपलब्ध रिकॉर्ड के आधार पर सभी तैयार रिपोर्टों को एकीकृत रूप में संकलित कर मंत्रालय को हस्तांतरित किया गया है। इन रिपोर्टों के संकलन में ग्रामीण विकास विभाग की सोशल ऑडिट यूनिट की महत्वपूर्ण भूमिका रही है।

प्रत्येक वित्तीय वर्ष की स्थिति अब स्पष

वर्ष 2021–22

  • अंकेक्षण आंशिक रूप से पूरा
  • JEPC के पूर्व पत्र (25.07.2023) के आधार पर रिपोर्ट उपलब्ध
  • लगभग 7,000 विद्यालयों का डेटा दर्ज

वर्ष 2022–23 एवं 2023–24

  • दोनों वर्षों की रिपोर्ट 18.10.2023 को हस्तांतरित
  • 2022–23: 1,064 विद्यालयों का अंकेक्षण
  • 2023–24: 1,064 विद्यालयों का अंकेक्षण
  • दोनों वर्षों का पूरा डेटा मंत्रालय को भेजा गया

वर्ष 2024–25

  • रिपोर्ट 29.01.2025 को हस्तांतरित
  • रिपोर्ट मध्यान्ह भोजन प्राधिकरण से प्राप्त
  • 745 विद्यालयों का सामाजिक अंकेक्षण पूरा।

सरकार ने क्या कहा?

पत्र में JEPC ने कहा है कि, मंत्रालय से प्राप्त निर्देशों के अनुसार सभी उपलब्ध वर्षों के रिकॉर्ड मंत्रालय को भेज दिए गए हैं। सोशल ऑडिट की प्रक्रिया निरंतर जारी है और इसकी नियमित निगरानी की जा रही है। अंकेक्षण का उद्देश्य विद्यालयों में पारदर्शिता, जवाबदेही और शिक्षा की गुणवत्ता को सुदृढ़ बनाना है।

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सामाजिक अंकेक्षण का उद्देश्य

सामाजिक अंकेक्षण शिक्षा प्रणाली में सुधार, पारदर्शिता और जनभागीदारी सुनिश्चित करने का एक प्रमुख माध्यम है। इसके तहत विद्यालयों में मध्यान्ह भोजन, आधारभूत सुविधाएँ, शैक्षणिक गुणवत्ता, और वित्तीय उपयोग की समीक्षा की जाती है।

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