Samachar Post रिपोर्टर,कोडरमा : कमजोर मानसून ने कोडरमा जिले के किसानों की चिंता बढ़ा दी है। पर्याप्त बारिश नहीं होने के कारण जिले में अब तक एक प्रतिशत भी धान की रोपनी नहीं हो सकी है। खेतों में पानी की कमी के चलते किसान अच्छी बारिश का इंतजार कर रहे हैं, जबकि तैयार धान का बिचड़ा भी खराब होने की आशंका बढ़ने लगी है।
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सामान्य से 60 प्रतिशत कम हुई बारिश
कृषि विभाग के अनुसार, इस वर्ष कोडरमा जिले में करीब 17 हजार हेक्टेयर भूमि में धान की खेती का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। हालांकि, जुलाई महीने में अब तक बारिश सामान्य से काफी कम रही है। जिले में जुलाई के दौरान 245.7 मिमी बारिश होनी चाहिए थी, लेकिन अब तक केवल 98.8 मिमी वर्षा दर्ज की गई है। यानी 146.9 मिमी कम बारिश, जो सामान्य से करीब 60 प्रतिशत कम है। बारिश की कमी के कारण खेतों में रोपाई लायक पानी उपलब्ध नहीं हो पाया है।
अधिकांश किसानों ने तैयार कर लिया है धान का बिचड़ा
बारिश कम होने के बावजूद जिले के अधिकांश किसानों ने धान का बिचड़ा तैयार कर लिया है। कृषि विभाग के आंकड़ों के अनुसार कोडरमा प्रखंड 72% बिचड़ा तैयार, जयनगर 75%, मरकच्चो 86%, डोमचांच 82%, चंदवारा 95%, सतगावां 85% हुई । किसानों का कहना है कि यदि अगले कुछ दिनों में अच्छी बारिश नहीं हुई तो तैयार बिचड़ा खराब होने लगेगा। ऐसी स्थिति में दोबारा बिचड़ा तैयार करना पड़ेगा, जिससे खेती की लागत बढ़ेगी और आर्थिक नुकसान भी होगा।

खरीफ फसलों पर भी मंडरा रहा संकट
कृषि विशेषज्ञों का कहना है कि समय पर धान की रोपनी नहीं होने से उत्पादन प्रभावित हो सकता है। इसका असर केवल धान तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि मक्का, अरहर, उड़द और मूंग जैसी खरीफ फसलों की बुवाई भी प्रभावित हो रही है। कई क्षेत्रों में इन फसलों की बुवाई निर्धारित लक्ष्य के अनुसार नहीं हो सकी है। यदि जल्द पर्याप्त बारिश नहीं हुई तो इस वर्ष किसानों को उत्पादन में कमी और आर्थिक नुकसान का सामना करना पड़ सकता है।
प्रखंडवार धान खेती का लक्ष्य
कृषि विभाग ने जिले के विभिन्न प्रखंडों के लिए धान की खेती का लक्ष्य निर्धारित किया है।
| प्रखंड | धान की खेती का लक्ष्य (हेक्टेयर) |
|---|---|
| कोडरमा | 1,915 |
| जयनगर | 3,724 |
| मरकच्चो | 2,590 |
| डोमचांच | 3,375 |
| चंदवारा | 2,430 |
| सतगावां | 2,266 |
| कुल लक्ष्य | 16,300 हेक्टेयर |
बारिश की कमी के कारण फिलहाल इन लक्ष्यों को हासिल करना चुनौतीपूर्ण नजर आ रहा है।

Reporter | Samachar Post

