Samachar Post रिपोर्टर,कोडरमा : डिजिटल इंडिया और कैशलेस लेन-देन को बढ़ावा देने के सरकारी प्रयासों के बीच कोडरमा जिले का मरकच्चो प्रखंड अब भी बुनियादी बैंकिंग सुविधाओं से जूझ रहा है। प्रखंड में पांच बैंक शाखाएं संचालित होने के बावजूद एक भी ATM मशीन नहीं है। इसका खामियाजा हजारों ग्रामीणों, पेंशनधारियों, छात्रों, मजदूरों और छोटे कारोबारियों को उठाना पड़ रहा है।
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पांच बैंक हैं, लेकिन ATM की सुविधा नहीं
मरकच्चो प्रखंड में निम्नलिखित बैंक शाखाएं संचालित हैं—
| बैंक का नाम | स्थान |
|---|---|
| भारतीय स्टेट बैंक (SBI) | मरकच्चो बाजार |
| बैंक ऑफ इंडिया (BOI) | ब्लॉक चौक, मरकच्चो |
| झारखंड ग्रामीण बैंक | बरियाडीह |
| बैंक ऑफ इंडिया (BOI) | चोपनाडीह |
| बैंक ऑफ इंडिया (BOI) | जामू |
इन सभी बैंक शाखाओं में अब तक एक भी ATM मशीन स्थापित नहीं की गई है।
नकदी निकालने के लिए 20 से 25 किलोमीटर की दूरी
ATM नहीं होने के कारण लोगों को नकदी निकालने के लिए डोमचांच तक 20 से 25 किलोमीटर का सफर तय करना पड़ता है। इससे समय और किराया दोनों खर्च होते हैं। बुजुर्गों, बीमार लोगों और महिलाओं के लिए यह परेशानी और भी बढ़ जाती है। मरकच्चो बाजार गिरिडीह जिले के धनवार प्रखंड से सटे क्षेत्र का प्रमुख बाजार भी है, जहां आसपास के ग्रामीण बैंकिंग कार्यों के लिए पहुंचते हैं। ऐसे में ATM की कमी का असर बड़ी आबादी पर पड़ रहा है।

छोटे कारोबारियों और छात्रों को भी हो रही परेशानी
स्थानीय दुकानदारों का कहना है कि ATM नहीं होने से ग्राहक अक्सर ऑनलाइन भुगतान या उधार की बात करते हैं, जिससे छोटे व्यापारियों की नकदी व्यवस्था प्रभावित हो रही है। वहीं छात्रवृत्ति, मनरेगा और अन्य सरकारी योजनाओं की राशि निकालने के लिए ग्रामीणों को बैंक शाखाओं में घंटों लाइन में लगना पड़ता है।
कई बार उठी मांग, अब तक नहीं हुई पहल
ग्रामीणों का कहना है कि बैंक प्रबंधन और प्रशासन से कई बार ATM लगाने की मांग की गई, लेकिन अब तक कोई ठोस पहल नहीं हुई है। लोगों का आरोप है कि प्रखंड मुख्यालय होने के बावजूद मरकच्चो को बैंकिंग सुविधाओं के मामले में लगातार नजरअंदाज किया जा रहा है। स्थानीय जनप्रतिनिधियों और सामाजिक कार्यकर्ताओं ने जिला प्रशासन और संबंधित बैंक अधिकारियों से जल्द से जल्द मरकच्चो में ATM मशीन स्थापित करने की मांग की है, ताकि क्षेत्र के हजारों लोगों को राहत मिल सके और डिजिटल बैंकिंग को बढ़ावा मिले।

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