खूंटी की महिला थाना प्रभारी 50 हजार रुपये रिश्वत लेते गिरफ्तार, केस सेटलमेंट के नाम पर मांगे थे 4.5 लाख

Meenu | July 30, 2026 | 05:32 PM IST

Samachar Post रिपोर्टर,खूंटी : झारखंड में भ्रष्टाचार के खिलाफ एंटी करप्शन ब्यूरो (ACB) ने बड़ी कार्रवाई करते हुए खूंटी की एएचटीयू (एंटी ह्यूमन ट्रैफिकिंग यूनिट) सह महिला थाना प्रभारी सुलेखा कुमारी सपना को कथित तौर पर 50 हजार रुपये की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ गिरफ्तार किया है। कार्रवाई महिला थाना परिसर में की गई। मामले में भ्रष्टाचार निवारण (संशोधन) अधिनियम, 2018 की धारा 7(ए) के तहत केस दर्ज कर आगे की कानूनी प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।

यह भी पढ़ें : बोकारो: चास नगर निगम में डिप्टी मेयर कार्यालय का उद्घाटन, विकास कार्यों को मिलेगी नई गति

केस सेटलमेंट के नाम पर 4.50 लाख रुपये की मांग का आरोप

जानकारी के अनुसार, महिला थाना प्रभारी के खिलाफ एसीबी को शिकायत मिली थी कि वह एक मामले को मैनेज करने और राहत दिलाने के नाम पर 4 लाख 50 हजार रुपये की रिश्वत मांग रही थीं। शिकायतकर्ता और आरोपी के बीच बातचीत के बाद पहली किस्त के रूप में 50 हजार रुपये देने पर सहमति बनी। इसके बाद शिकायतकर्ता ने पूरे मामले की जानकारी एंटी करप्शन ब्यूरो को दी।

शिकायत सत्यापन के बाद ACB ने बिछाया ट्रैप

एसीबी ने पहले शिकायत का सत्यापन कराया, जिसमें आरोप प्रथम दृष्टया सही पाए गए। इसके बाद ब्यूरो ने योजनाबद्ध तरीके से ट्रैप ऑपरेशन तैयार किया। पूर्व निर्धारित योजना के अनुसार, जैसे ही शिकायतकर्ता ने महिला थाना प्रभारी को 50 हजार रुपये सौंपे, पहले से निगरानी कर रही एसीबी टीम ने तत्काल कार्रवाई करते हुए उन्हें रंगे हाथ गिरफ्तार कर लिया। मौके से कथित रिश्वत की राशि भी बरामद कर ली गई।

पूछताछ जारी, अन्य लोगों की भूमिका की भी जांच

गिरफ्तारी के बाद आरोपी अधिकारी को एसीबी कार्यालय ले जाया गया, जहां उनसे पूछताछ की जा रही है। जांच एजेंसी मामले से जुड़े दस्तावेजों, इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्यों और अन्य पहलुओं की भी जांच कर रही है। एसीबी यह भी पता लगा रही है कि इस कथित रिश्वतखोरी के मामले में किसी अन्य व्यक्ति की भी भूमिका है या नहीं।

विशेष अदालत में पेश करेगी ACB

एंटी करप्शन ब्यूरो ने बताया कि आवश्यक कानूनी प्रक्रिया पूरी करने के बाद आरोपी अधिकारी को विशेष अदालत में पेश किया जाएगा। मामले की जांच जारी है और जांच पूरी होने के बाद विस्तृत जानकारी सार्वजनिक की जाएगी। एसीबी का कहना है कि सरकारी पद का दुरुपयोग कर रिश्वत लेने वालों के खिलाफ आगे भी इसी तरह सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।

Share this news

संबंधित खबरें